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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur मुंगेली. मुफ्त का नशा ऊपर से पैसों की कमाई। इससे बिगड़ रहे हैं नगर के गरीब तबके के किशोर बस लड़के। उच्च एवं मध्यम वर्गीय लड़के अपना स्टेट्स सिंबल मानकर नशे के आदी हो रहे हैं।
इसका लाभ उठाकर नशे के सौदागर क्षेत्र में धीरे-धीरे अपना पांव पसार रहे हैं। बिलासपुर जिले में मुंगेली दूसरा बड़ा शहर है। नशे के सौदागरों ने शहर के झोपड़पट्टी के साथ गरीब परिवार के बच्चों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। ऐसे परिवार के किशोरवय लड़के पहले नशे की लत लगाकर फिर लत पूरा करने के लिए नशे के व्यापार में लगाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश से पलायन कर महानगरों में जाने वाले किशोरवय मजदूर नशे का आदी होकर शहर में ऐसे कार्यो को अंजाम दे रहे है। इस कार्य से होने वाली कमाई से गरीब परिवारों की जरूरतें पूरी हो रही है। परिवार के लोग धीरे-धीरे ऐसे कमाई के आदि हो रहे है। आज की स्थिति में शहर के किसी भी भाग में गांजा भांग आसानी से उपलब्ध हो जाता है। खासकर देवांगन पारा , पड़ावपारा, पुलपारा, दाउपारा, मलहापारा, र्खीपारा, खर्राघाट, विनोबानगर ऐसे स्थान हैं। इस कार्य में महिलाएं भी सक्रिय है। पुलिस को भी इसकी जानकारी है। धनाढ्य अथवा नव धनाढय परिवारों के तथा कथित संभ्रात किंतु बिगड़ैल युवक शाम होते ही गाड़ियों में शराब व बीयर के साथ नगर के एसएनजी कालेज मैदान, बाई पास पुल, श्मशान घाट, खर्राघाट, स्टापडेम, नहर किनारे, जीवन बीमा कार्यालय परिसर, मिशन स्कूल हास्टल परिसर, आगर खेल परिसर, नदी का किनारा इसके अतिरिक्त करही स्थित कुछ शासकीय कार्यालय जहां शाम 5 बजे के बाद विभाग के कर्मचारियों की सहभागिता से नशापन किया जाता है।
नशे के लिए शराब बीयर गांजा भांग के अतिरिक्त नींद की गोलियां इंजेक्शन कोरेक्स स्थरप बोन फिक्स क्वीक फिक्स आयोडेक्स व बूट पालिस तक का उपयोग किया जाता है। इन पदार्थ का उपयोग बड़ों के अलावा छोटे छोटे बच्चों को भी करते देखा जा सकता है। नगर में लगभग 40 मेडिकल स्टोर्स हैं। इनमें से कुछ नशे के लिए नींद की गोली या इंजेक्शन व सिरप आसानी से उपलब्ध करा देते हैं।