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चुनावः इंतहा हो रही इंतजार की..

बिलासपुर. जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी धड़कते दिल से मतगणना की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। तीन दिन बाद सोमवार को होने वाली काउंटिंग की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। सुबह नौ बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी और उम्मीद है कि दोपहर तक अधिकतर परिणाम घोषित हो जाएंगे।

प्रदेश में हुए दो चरणों के मतदान में जिले में 20 नवंबर को सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग हुई। मतदान से मतगणना के बीच 17 दिन का अंतराल होने से प्रत्याशियों को परिणाम जानने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान सभी प्रत्याशी चुनाव में हुई वोटिंग और अपनी स्थिति के आधार पर हार-जीत का आंकलन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के पदाधिकारियों से इस बात की जानकारी ली जाती रही कि क्षेत्र में मतदान के दौरान पार्टी या प्रत्याशी के प्रति लोगों की भावनाएं क्या रहीं। यह भी टटोला जाता रहा कि कम या ज्यादा वोटिंग होने का क्या नफा-नुकसान हुआ होगा। जिले में सभी जगहों पर भाजपा या कांग्रेस के विधायकों ने चुनाव लड़ा है। इस लिहाज से चुनाव परिणामों को निजी तौर पर उनके कार्यो का आंकलन भी माना जा रहा है। इससे उनकी पार्टी में स्थिति भी तय होगी।

इससे प्रत्याशियों को चुनाव परिणामों का बेसब्री से इंतजार के साथ ही मन में आशा और आशंकाएं भी हैं। शुरुआत के 10-15 दिन तो प्रत्याशियों ने किसी तरह से काटे। किसी ने आराम किया, कोई शादी-ब्याह में व्यस्त रहा, तो कुछ लोग घूमने-फिरने या धार्मिक स्थलों की यात्रा पर भी गए। अब सबको बेसब्री से तीन दिन बीतने का इंतजार है। जैसे-जैसे मतगणना की तारीख करीब आ रही है, प्रत्याशियों के लिए एक-एक दिन गुजारना मुश्किल लग रहा है। उनको अब लगने लगा है कि कब सोमवार आए और मतगणना के बाद जनता के फैसले की जानकारी उन्हें मिल जाए।

बिलासपुर, कोटा, मरवाही दिलचस्प
राजनीतिक हलकों के साथ ही लोगों की नजर कोटा, मरवाही के साथ ही बिलासपुर के चुनाव परिणाम पर खासतौर पर है। कोटा, मरवाही जोगी दंपती का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण और बिलासपुर में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशियों के तीसरी बार आमने-सामने होने के कारण ये क्षेत्र लोगों की चर्चा का केंद्र हैं। लोगों की दिलचस्पी यह जानने में है कि यहां पर एक बार परंपरागत तौर पर जीत होगी या फिर परिणामों में कुछ बदलाव होगा। इसके अलावा एक बार फिर चुनाव लड़ रहे भाजपा व कांग्रेस विधायकों को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है कि उन्हें जनता दोबारा मौका देगी या फिर इस बार उनसे कुर्सी छिन जाएगी।





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