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मुंबई.
केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने स्वीकार किया कि खुफिया व सुरक्षा प्रणाली की नाकामी के कारण पिछले हफ्ते मुंबई में आतंकी हमला हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्र ने अमेरिकी एजेंसी एफबीआई की तर्ज पर संघीय जांच एजेंसी गठित करने का प्रस्ताव रखा है।
सुरक्षा में खामियां : चिदंबरम ने यहां आतंकी हमले के निशाना बने स्थानों का दौरा करने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘मैं मानता हूं कि सुरक्षा प्रणाली नाकाम रही पर यह हमला आतंकवाद से मुकाबला करने के सरकार के संकल्प को और मजबूत करेगा।’ उन्होंने कहा कि यदि वे यह कहें कि व्यवस्था में कोई खामी नहीं थी तो यह सही नहीं होगा। कई खामियां थी और उन पर गौर किया जा रहा है।
पूरा जोर लगाएंगे : उन्होंने कहा, ‘इन खामियों पर काबू पाने और देश की सुरक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए मैं पूरा जोर लगा दूंगा। इस प्रक्रिया के दौरान हम राज्य सरकार को भी सुरक्षा प्रणाली सुधारने में मदद करेंगे।’
ढेरों सबूत : हमले में पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे ढेरों सबूत है, जिससे पहले हुए हमलों में शामिल गुट व संस्थाओं का इस हमले में हाथ होने का पता चलता है। हालांकि अभी किसी संगठन का नाम लेना ठीक नहीं होगा।
सजा दिलाने का संकल्प : चिंदबरम ने कहा कि सरकार जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाकर दोषियों को सजा दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अन्य प्रयासों के साथ कुछ और कदम उठा रही है जो यहां बताए नहीं जा सकते।
31 के पहले मुआवजा : मुआवजे की बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि गृह सचिव से कहा गया है कि मुआवजा पैकेज को 31 दिसंबर के पूर्व अमल में ला दिया जाए। बीमा कंपनियों से भी हमले से संबंधित दावों को तेजी से निपटाने को कहा गया है।
सुरक्षा बलों की सराहना : सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश को महाराष्ट्र पुलिस, एनएसजी और मरीन कमांडो को उनके बलिदान के लिए सलामी देना चाहिए।