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Dalal Street Dalal Street मुंबई. शनिवार को होने वाली राहत पैकेज और रिजर्व बैंक की ब्याज दरों में कमी की घोषणा भी मंदी की धारणा से भारतीय शेयर बाजारों को उबार पाने में नाकाम रही। शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 264.55 अंक करीब 2.87 फीसदी गिरकर फिर 9000 के नीचे पहुंच गया। सेंसेक्स 8965.20 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 73.60 अंक यानि 2.64 फीसदी गिरावट के साथ 2714.40 के स्तर पर बंद हुआ।
कमजोर खुले बाजार : बाजार कमजोर खुले और थोड़ी देर के लिए ही नीचे के स्तरों से उबर सके। यूरोपीय बाजारों में कमजोरी देखे जाने के बाद लगातार बिकवाली के दबाव में गिरावट बनी रही। शनिवार को घोषित होने वाला राहत पैकेज बाजार में जान फूक पाने में असफल रहा वहीं कंपनियों के नतीजे प्रभावित होने को लेकर चिंता भी बनी हुई है। सेंसेक्स 25 अंक नीचे 9204.69 पर खुलने के बाद 110.94 अंक ऊपर 9340.69 के स्तर तक गया लेकिन इसके बाद गिरावट का दौर थमा नहीं। बाजार बंद होने से पहले इसने 315.37 अंक की गिरावट के साथ 8914.38 का निचला स्तर भी छुआ।
इसी तरह निफ्टी 1.35 अंक नीचे 2786.65 के स्तर पर खुला और फिर इसने 33.15 अंक उछलने के साथ 2821.15 का ऊपरी स्तर छुआ। एक समय इसमें 86.65 अंकों की गिरावट आई और यह 2701.35 के स्तर पर पहुंच गया।
आईटी कंपनियों में ज्यादा बिकवाली: आईटी कंपनियों में बिकवाली का ज्यादा दबाव देखा गया। अग्रणी कंपनी इन्फोसिस में 4.5 फीसदी की गिरावट रही। आईटी के अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स भी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गया। पेट्रोल, डीजल के दामों में कमी के फैसले के संकेत मिलने से सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में 4 से 7 फीसदी की गिरावट रही। आयल एवं गैस इंडेक्स 3 फीसदी गिर गया। कामर्शियल वाहनों पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावित घोषणा से आटो इंडेक्स में बढ़त रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, ओएनजीसी, भारती एयरटेल और कई अन्य बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे।
एफआईआई ने की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों(एफआईआई) ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र में 4.52 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की। इसके पूर्व गुरूवार को एफआईआई ने 307 करोड़ रुपए की खरीदी की थी।
ब्याज दरों में कटौती के बावजूद गिरे विदेशी बाजार: यूरोप में कई बैंकों के ब्याज दरों में अभूतपूर्व कमी करने के बावजूद शेयर बाजार संभल नहीं सके। हालांकि गिरावट ज्यादा नहीं रही। लंदन का एफटीएसई 100 इंडेक्स 0.15 फीसदी, पेरिस का सीएसी 40 भी 0.17 फीसदी गिरा।
एशियाई बाजारों में जापान के निक्केइ में 6.73 अंक की गिरावट रही। आस्ट्रेलिया, शंघाई, ताइवान, इंडोनेशिया और मलेशिया ने गिरावट देखी जबकि हांगकांग के हेंगसेंग में 1.9 और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2.1 फीसदी की उछाल रही। अमेरिका में छंटनी और विकास के कमजोरआंकड़ों से डाव जोंस, नास्डेक और एसएंडपी 500 इंडेक्स में 2 से 3 फीसदी की गिरावट आई।
कंपनियों की आय को लेकर चिंता बनी हुई है। राहत पैकेज बाजार में छाई निराशा को दूर करने के लिए नाकाफी हैं। राहत उपायों का प्रभाव इन्फास्ट्रक्चर और कंस्ट्रकशन क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की मौजूदा कीमतों में पहले ही आ गया है।
-वेदप्रकाश चतुर्वेदी, सीईओ, टाटा म्यूचुअल फंड