भोपाल.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल की दूसरी पारी के पहले 100 दिन की कार्ययोजना बनाने की घोषणा की है। इसमें समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाएंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव के कारण कुछ महीने काम पर असर पड़ा था, लेकिन अब कामकाज में फिर तेजी आएगी।
श्री चौहान ने ताजपोशी के दूसरे दिन शनिवार को राज्य मंत्रालय में पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने काम की शुरुआत इंदौर दौरे से की। वे वहां शुक्रवार को हुई बैंक डकैती के कारण पहुंचे थे। वहां से लौटकर ठीक दोपहर एक बजे वे मंत्रालय पहुंचे, जहां उन्होंने कुर्सी पर बैठने के पहले पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्य सचिव राकेश साहनी को पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र की प्रति सौंपी।
मंगलवार को घोषणा पत्र के बिंदुओं को विभागवार अलग कर संबंधित प्रमुख सचिवों को सौंपा जाएगा। घोषणा पत्र को सरकार की गीता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वादों की पूर्ति के लिए त्रि-स्तरीय कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इसमें दीर्घावधि, मध्यावधि और अल्पावधि के आधार पर घोषणाओं को चिन्हित कर उन्हें कार्यरूप दिया जाएगा।
सरकार की दशा और दिशा होंगे सात संकल्प
श्री चौहान ने कहा कि उनके द्वारा जो सात संकल्प लिए गए हैं, वे सरकार की दशा और दिशा होंगे। इनमें अधोसंरचना विकास (सड़क, पानी और बिजली) में मप्र को देश में अव्वल बनाना, खेती को फायदा का सौदा बनाना, महिला सशक्तिकरण, तेजी से औद्योगिकीकरण और निवेश में वृद्धि, गरीबों के लिए सुशासन, आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाना, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं में सुधार शामिल हैं।
प्रधानमंत्री से मिलेंगे शिवराज
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में पेयजल उपलब्ध कराना, कानून व्यवस्था बनाए रखना और शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधाओं का विस्तार करना प्रमुख है। अल्प वर्षा के कारण बिजली की कमी है। बारिश से बिजली उत्पादन पर विपरीत असर के अलावा उन्होंने बिजली संकट को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पर्याप्त मात्रा में कोयला आपूर्ति नहीं होने से बिजली उत्पादन कम हो रहा है।
श्री चौहान ने कहा कि वे 15 दिसंबर को दिल्ली जा रहे हैं और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर कोयला आपूर्ति के मुद्दे पर भी चर्चा करेंगे। वहां वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। श्री चौहान ने मंत्रिपरिषद के गठन का सवाल टालते हुए कहा कि जैसे मुख्यमंत्री की शपथ हो गई वैसे ही मंत्रियों की हो जाएगी।