भोपाल. निरीक्षण दल के अधिकारी तब दंग रह गए, जब मिडिल स्कूल एमएएनआईटी में विद्यार्थी उत्तरपुस्तिका में लिखे अपने ही उत्तर नहीं पढ़ सके। दरअसल कोर्स पूरा न होने के कारण विद्यार्थियों को परीक्षा में किताबें देकर नकल कराई गई थी। इसका खुलासा खुद विद्यार्थियों ने किया। इस मामले में शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राजीव सिंह तोमर ने शनिवार को शहर के चार स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। श्री तोमर ने मिडिल स्कूल एमएएनआईटी में बच्चों से सीधी बात की और अर्धवार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं उनके सामने रखते हुए उत्तर पढ़ने को कहा।
एक भी छात्र अपने लिखे उत्तर नहीं पढ़ सका। तब श्री तोमर ने छात्रों से पूछताछ की। छात्रों ने बताया कि परीक्षा में उत्तर नहीं लिख पा रहे थे, तो शिक्षकों ने किताबें दे दीं। छात्रों ने किताब की नकल उत्तरपुस्तिका में उतार दी। यहां एक शिक्षिका की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
श्री तोमर को हमीदिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय-दो में महज 32 विद्यार्थी उपस्थित मिले, जबकि यहां 23 शिक्षक पदस्थ हैं। इस स्कूल में 131 विद्यार्थी रजिस्टर्ड हैं। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने से नाराज डीईओ ने प्राचार्य को पालकों से संपर्क कर आठ दिन में 70 फीसदी उपस्थिति करने की हिदायत दी है।
इसके अलावा स्कूल में उपस्थित बच्चों को गैरहाजिर रहने वाले बच्चों को लाने को कहा गया है। जहांगीरिया कन्या स्कूल में एक शिक्षक अनुपस्थित मिला, जिसका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राथमिक स्कूल सेवनिया गौड़ में डीईओ को पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं मिला। यहां अर्धवार्षिक परीक्षा न होने के कारण उत्तरपुस्तिकाएं कोरी मिलीं। शिक्षकों का तर्क था कि छात्रों की अनुपस्थिति के कारण उन छात्रों की परीक्षा नहीं हो सकी है। लेकिन जिन छात्रों को शिक्षक परीक्षा के दौरान अनुपस्थित बता रहे थे, उनकी रजिस्टर में उपस्थिति लगी थी।
यहां छात्रों ने मध्याह्न् भोजन के चावल में धान की फुकली निकलने की शिकायत की। इस मामले में नगर निगम और नांदी फाउंडेशन को लिखा जा रहा है।