भोपाल. भगवान भरोसे संचालित राजधानी के नादरा बस स्टैंड के हालात अब बद से बदतर हो चले हैं। बुधवार से यात्री सुविधाओं से वंचित इस स्टैंड पर अब खुलेआम मनमाने ढंग से किराया वसूला जा रहा है। ज्यादा किराया देना यात्रियों की मजबूरी बन गई है।
नादरा बस स्टैंड से रोजाना होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, मुलताई, नागपुर, पचमढ़ी, पिपरिया, छतरपुर, सागर, सतना, रीवा और पन्ना के लिए अस्थाई परमिट समेत अन्य 700 बसें संचालित होती हैं, जो कि हजारों मुसाफिर के आवागमन का सहारा हैं।
बेलगाम हुई बस स्टैंड की संचालन व्यवस्था का आलम यह है कि चारों तरफ गंदगी और कचरा नजर आ रहा है। बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए बैठने या पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बालाघाट की बस में सवार यात्री रामजी मित्रा ने बताया कि वे आठ दिसंबर को भोपाल आए थे।
आने का किराया 220 रुपए दिया था, लेकिन जाते समय 250 रुपए किराया देना पड़ रहा है। इसी तरह बैतूल जा रहे विनोद बाजपेयी से 140 रुपए किराया लिया गया, जबकि भोपाल से बैतूल का निर्धारित किराया 110 रुपए है।
पुलिसकर्मी नागेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस वारंट से छतरपुर जाना था, लेकिन बस वालों ने वारंट से ले जाने से इंकार कर दिया। मजबूरी में किराया देकर जा रहे हैं, लेकिन वारंट खराब हो गया।
निर्धारित राशि से अधिक किराया वसूला जाना गलत है। किसी से ज्यादा किराया लिया गया है तो वह शिकायत करे। मामले की जांच कराई जाएगी। दोष सिद्ध होने पर संबंधित बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरआर त्रिपाठी, आरटीओ
सपनि कर्मचारियों के जाने के बाद बस स्टैंड की संचालन व्यवस्था गड़बड़ा गई है। यात्रियों के साथ ही बस संचालकों को भी खासी दिक्कतें हो रही हैं। शीघ्र ही बस स्टैंड संचालन का जिम्मा प्रशासन द्वारा किसी विभाग को सौंपना चाहिए।
मोहम्मद अख्तर, कार्यकारी अध्यक्ष मप्र अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन