भोपाल.
सीवीएस यानी कंप्यूटर विजन सिंड्रोम आंखों की एक समस्या है जो कि देर तक और लगातार कंप्यूटर पर काम करते रहने से पैदा होती है। इसकी वजह से आंखों की ब्लिकिंग रेट(पलक झपकने की दर) घट जाती है। नतीजा यह होता है कि आंखों में जलन, चुभन, लालपन और आंखों से पानी आने की समस्या शुरू हो जाती है।
सामान्य तौर पर एक मिनट में 10 से 15 बार पलक झपकती हैं लेकिन कंप्यूटर पर काम करते हुए पलक झपकने की दर कई बार इतने ही समय में एक से दो के बीच तक आ जाती है।
आंसू बनना रुक जाते हैं :
इस बारे में हमीदिया अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता कुमार का कहना है, सीवीएस बीमारी नहीं है बल्कि आंखों का सही इस्तेमाल न होने की वजह से पैदा होने वाली समस्या है। कंप्यूटर पर काम करते हुए जब पलक झपकना कम हो जाता है तो आंखों में प्राकृतिक रूप से आंसू नहीं बनते और आंखों में उनका प्रवाह रूक जाता है।
इसकी वजह से आंखों की ऊपरी त्वचा सूखने लगती है और फिर तमाम परेशानियां शुरू हो जाती है। वे बताती हैं, आजकल प्रैक्टिस के दौरान देखने में आ रहा है कि बैंकों, स्टॉक एक्सचेंज और कंप्यूटर संबंधी पढ़ाई या काम कर रहे लोगों को सीवीएस की शिकायत है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र चावला बताते हैं, ओपीडी में ऐसे दो-तीन मामले प्रतिदिन आ रहे हैं, जिसमें मरीज कंप्यूटर पर अधिक देर तक काम करने के कारण होने वाली परेशानी का जिक्र करते हैं।
इसमें उन्हें सिरदर्द और शरीर में थकान होती है। इससे बचने के लिए मरीज को 40 से 45 मिनट तक लगातार कंप्यूटर पर कार्य करने के बाद आंखे बंद करके हल्के हाथों से मसाज करना चाहिए।
आर्टिफिशिएल टियर्स :
आर्टिफिशिएल टियर्स सामान्य आई ड्राप से अलग लुब्रिकेंट हैं। डॉक्टर की सलाह लेकर कंप्यूटर पर काम करने वालों को यह आर्टिफिशिएल टीयर अपनी आंखों में जरूर डालना चाहिए ताकि उनकी आंखें में सूखेपन (ड्रायनेस) की समस्या न हो। इसे 2 से 3 बार आंखों में डालना चाहिए।
जरूरी है उपाय
>> हर एक घंटे में पांच से दस मिनट का ब्रेक लें और कंप्यूटर के सामने से कुछ देर के लिए हट जाएं।
>> ब्रेक के दौरान आंखों को ठंडे पानी से धोएं और रिलेक्स दें।
>> आंखे सीधे कंप्यूटर के सामने हो ऐसी स्थिति में ही बैठें।
>> जिस कमरे में काम कर रहे हों वहां अंधेरा नहीं होना चाहिए।
>> कंप्यूटर स्क्रीन से आंखों की दूरी कम से कम एक से दो फीट हो।
>> 40 से 45 मिनट कंप्यूटर पर काम करने के बाद आंखें बंद हल्के हाथ से उनकी मसाज करना चाहिए।
>> हर घंटे के बाद थोड़ी देर के लिए अपनी जगह से हट जाना चाहिए।
>> अच्छे आई ड्रॉप या आर्टिफिशिएल टियर का नियमित रूप से दो से दिन में तीन बार इस्तेमाल करना चाहिए।
जरूरी है उपाय
>> हर एक घंटे में पांच से दस मिनट का ब्रेक लें और कंप्यूटर के सामने से कुछ देर के लिए हट जाएं।
>> ब्रेक के दौरान आंखों को ठंडे पानी से धोएं और रिलेक्स दें। >> आंखे सीधे कंप्यूटर के सामने हो ऐसी स्थिति में ही बैठें। >> जिस कमरे में काम कर रहे हों वहां अंधेरा नहीं होना चाहिए। >> कंप्यूटर स्क्रीन से आंखों की दूरी कम से कम एक से दो फीट हो। >> 40 से 45 मिनट कंप्यूटर पर काम करने के बाद आंखें बंद हल्के हाथ से उनकी मसाज करना चाहिए। >> हर घंटे के बाद थोड़ी देर के लिए अपनी जगह से हट जाना चाहिए। >> अच्छे आई ड्रॉप या आर्टिफिशिएल टियर का नियमित रूप से दो से दिन में तीन बार इस्तेमाल करना चाहिए।