भोपाल.
जनवरी 2009 में आयोजित होने वाली गुलाब प्रदर्शनी और उद्यान प्रतियोगिता के लिए शहरवासियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लोगों ने अभी से ही बगीचों की साज-सज्जा और गुलाब के फूलों की कटिंग शुरू कर दी है। गुलाब प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए लोग अपने के लैंडस्केप, फूलों की क्वालिटी और बगीचे को सुंदर बनाने में जुट गए हैं।
बीज भी खुद ही तैयार करती हूं :
पेशे से चार्टर्ड एकाउंटटेंट छवि खरब पिछले छह साल से उद्यान प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। इस बार प्रतियोगिता के लिए उन्होंने अपने बगीचे की लैंस्कैपिंग और फूलों की अलग-अलग किस्मों पर खास ध्यान दिया है। छवि कहती हैं, फूल की क्वालिटी अच्छी आए इसलिए अपने ही गार्डन में बीज भी तैयार करती हूं। मैं इसके लिए रोज आधे से एक घंटे का वक्त देती हूं।
खुद ही देखरेख करना चाहिए :
त्रिलंगा में रहने वाली माया गुप्ता ने अपने में फ्लोरिवंडा, एचटी और मिनिएचर गुलाब की किस्में लगा रखी हैं। अब इन्हें इंतजार है, गुलाब के फूलों के खिलने का। वे कहती हैं, फूलों की कांट-छांट, निराई-गुड़ाई से लेकर खाद बनाने तक का सारा काम खुद ही करती हूं।
खुद की रुचि होना चाहिए : शुभालय कॉलोनी में रहने वाली सुनिता शर्मा हर दिन अपने बगीचे में पौधों की देखरेख के लिए एक घंटा देती हैं। वे कहती हैं, गुलाब के फूलों से काफी लगाव है इसलिए गुलाब की अलग-अलग किस्में लगाती हूं। गुलाबी, गुलाबी और लाल, नारंगी और मल्टीकलर गुलाब इनके बगीचे में हैं। इनका मानना है कि जब तक मिट्टी में खुद हाथ नहीं डालेंगे तब तक बगीचे प्रतियोगिता के स्तर के तैयार नहीं होंगे। इस काम के लिए खुद की रुचि होना जरूरी है।
सोमवार से मिलेंगे फॉर्म : सोमवार से उद्यान प्रतियोगिता के लिए रजिस्ट्रेशन फार्म लिंक रोड स्थित गुलाब उद्यान से वितरित होना शुरू हो जाएंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उद्यान को उनके आकार के हिसाब से अलग-अलग श्रेणी में बांटा गया है।