भोपाल.
नर्मदा परियोजना सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोच्च स्थान पर है, अगले वर्ष सितंबर तक हर हाल में नर्मदा का पानी भोपाल में चाहिए। यह हिदायत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को राजधानी में चल रहे विकास कार्र्यो की प्रगति का जायजा लेने के दौरान अधिकारियों को दी।
मुख्यमंत्री ने जिन कार्र्यो का भी निरीक्षण किया सभी में उनके पूरा होने की अवधि भी निर्धारित की। शनिवार की दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री का काफिला शहर के भ्रमण पर निकला। उनके साथ विधायक बाबूलाल गौर, उमाशंकर गुप्ता, ध्रुवनारायण सिंह, विश्वास सारंग और जितेंद्र डागा भी मौजूद थे।
सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) :
दोपहर 3.15 बजे-मुख्यमंत्री का ढोल धमाकों के साथ स्वागत हुआ। कंपनी के निदेशक रमेश शाह ने उन्हें बताया कि दो माह में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और पांच साल में पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा तब तक तो सरकार बदल जाएगी। सीबीडी भोपाल का गौरव है, प्रशासनिक स्तर पर जो भी बाधाएं हैं वह तुरंत दूर की जाएंगी, प्रोजेक्ट चार साल में पूरा करें। श्री शाह ने कहा यस सर!
बीआरटीएस: शाम 4.05 बजे-यह कार्य नगर निगम द्वारा ही जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत किया जा रहा है। यहां मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस योजना के पूरा होने पर शहर की यातायात व्यवस्था में काफी सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री ने पूछा काम की स्थिति क्या है और कब तक पूरा हो जाएगा? इस पर निगमायुक्त ने बताया कि एक माह में काम शुरू कर दिया जाएगा और वर्ष 2010 तक पूरा कर लिया जाएगा।
एम्रॉल्ड सिटी:
शाम 4.35 बजे-हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर वसीम अख्तर ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां कुल 1025 मकान बनाए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने टोकते हुए कहा कि लोगों की आम धारणा है कि सरकारी एजेंसियों के मकानों की गुणवत्ता ठीक नहीं होती। इसलिए इस बात का ध्यान रखा जाए। कीमत कम हो, काम समय सीमा में पूरा करें और बड़े मकानों के साथ गरीबों के ईड्ब्लूएस श्रेणी के मकान भी बनाए जाएं।
हर शहर में लूंगा विकास योजनाओं का जायजा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि जिस तरह भोपाल की विकास योजनाओं का जायजा लिया है उसी तरह प्रदेश के हर शहर में जाकर विकास योजनाओं की समीक्षा करूंगा। सभी योजनाओं के पूरा होने का समय निश्चित किया जाएगा साथ ही एक कैलेंडर भी बनाया जाएगा कि किस समय कितना काम होना चाहिए, जिससे समीक्षा में आसानी हो। विकास योजनाओं में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। किसी भी तरह का भ्रष्टाचार पाया गया तो संबंधित अधिकारी की खैर नहीं है।