जयपुर.
पिछली सरकार के फैसलों की जांचः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्ता संभालते ही अंतिम छह माह में भाजपा सरकार द्वारा किए गए फैसलों की समीक्षा का निर्णय किया है। उन्होंने मुख्य सचिव डीसी सामंत से एक माह में ऐसे फैसलों की जानकारी मांगी है, जिनमें निजी व्यक्ति, संगठन को लाभ, आवास, भूमि का आबंटन, निर्धारित मापदंडों की अनदेखी करके दिए गए ठेके आदि शामिल हैं।
गरीब का मुफ्त इलाज हो
गहलोत ने गरीबों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री सहायता कोष को और अधिक सशक्त बनाया जाए। कोष से बीपीएल परिवारों का असीमित राशि तक मुफ्त इलाज होना चाहिए। उन्हें अस्पताल में ही दवाएं मुफ्त मिलनी चाहिए।
कच्ची शराब ठेकेदारों पर कार्रवाई
सस्ती शराब लाकर बेचने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कच्ची शराब बनाकर बेचने वालों के पुनर्वास, रोजगार की व्यवस्था व अन्य सुविधाओं के बारे में विचार होगा।
सामाजिक सुरक्षा
गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा को सवरेपरि माना है। उन्होंने मीडिया से कहा कि सत्ता में आने से पहले उन्होंने जो आरोप लगाए थे, वे अब गौण हो गए हैं। जो आरोप लगे हैं, उनकी सच्चई जानने के बाद तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई होगी।
जवाबदेह और पारदर्शी सरकार
गहलोत ने कहा कि उनकी प्रतिबद्धता यह है कि जनता को संवेदनशील, जवाबदेह और पारदर्शी सरकार मिले। राज्य में सुशासन आए। हमें भाजपा के कुशासन के खिलाफ जनादेश मिला है। उन्होंने कहा तबादलों में डिजायर से कठिनाइयां होती है। इस प्रक्रिया को खत्म करना चाहिए।