इंदौर. धार जिले के अमझेरा में स्थित पुरातत्व महत्व की राणा बख्तावरसिंह की गढ़ी को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में शामिल किए जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 13 स्मारकों को भी संरक्षित धरोहर में शामिल किया जाएगा।
राणा बख्तावरसिंह की गढ़ी का निर्माण16वीं शताब्दी में राजा रामसिंह राठौर ने करवाया था। पुरातत्व महत्व के इस स्मारक के एक भाग में कचहरी व कार्यालय थे तो दूसरे भाग का उपयोग रहने के लिए किया जाता था। राठौर वंश के राणा बख्तावरसिंह मध्य भारत के पहले शासक थे जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ छेड़े गए स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया था। उनकी यादों को संजोए यह गढ़ी महत्वपूर्ण स्मारकों में गिनी जाती है।
इस गढ़ी के अलावा संस्कृति विभाग ने प्रदेश के जिन 13 स्मारकों के संरक्षण के संबंध में प्रथम सूचना जारी की है उनमें उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के दंगवाड़ा में स्थित 11-12वीं शताब्दी में निर्मित श्री बोरेश्वर महादेव मंदिर, सागर जिले के रहली में स्थित 18-19वीं शताब्दी के प्राचीन किले, बैतूल जिले के मुलताई तहसील के सालबर्डी में स्थित 8-9वीं शताब्दी के श्री सीताराम बाबा का कारागार, दतिया के18वीं शताब्दी में निर्मित महारानी शाहकर्ण की छत्री, विदिशा जिले के सिरोंज में स्थित 18वीं शताब्दी की मौलाजी की इमारत, बारादरी, 17-18वीं शताब्दी की रावजी की हवेली और 18वीं शताब्दी में निर्मित गोपालपुरा में स्थित विष्णु मंदिर शामिल हैं।