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तीस हजार का इनामी डकैत जबर धराशायी

दबोह(भिंड). तीस हजार के इनामी डकैत जबर सिंह को गुना पुलिस ने मिहोनी के जंगल में मार गिराया। गुना पुलिस ने इस काम में दबोह थाना पुलिस की भी मदद ली।

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात गुना जिले में पदस्थ एसआई सुदेश तिवारी ने अपनी टीम व दबोह थाना पुलिस के सहयोग से तीस हजार के इनामी डकैत जबर सिंह पुत्र भगवान सिंह निवासी धमोखर थाना दबोह को मुठभेड़ में मार गिराया। गुना पुलिस के पास इस बात की पुख्ता सूचना थी कि जबर सिंह अपने साथियों के साथ मिहोनी के जंगल में किसी बड़ी वारदात की फिराक में आने वाला है।

इसी सूचना पर एसआई सुदेश तिवारी व दबोह थाना प्रभारी तीस हजार का इनामी रामबाबू सिंह सिकरवार की टीम ने दो अलग-अलग पार्टियां बनाकर मिहोनी माता मंदिर के आसपास के इलाके की घेराबंदी कर ली। रात एक बजे करीब घेराबंदी कर बैठे पुलिसकर्मियों ने पदचापों की आवाज आने पर ललकार लगाई। जवाब में फायरिंग होने लगी। डकैत की ओर से फायरिंग किए जाने पर पुलिस की दोनों पार्टियों की ओर से फायर किए गए।

करीब 15 मिनट तक हुई गोलीबारी के बाद अचानक गोलियां चलना बंद हो र्गई। पुलिस ने सर्च लाइटों की मदद से इलाके की छानबीन की तो जबर सिंह की लाश पड़ी मिली। जबरसिंह की लाश के समीप ही उसकी 12 बोर राइफल भी पड़ी थी। आसपास के इलाके में डकैतों के द्वारा दैनिक उपयोग में आने वाला सामान भी बिखरा पड़ा मिला। तलाशी के बाद पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया है। मारे गए डकैत जबर सिंह पर आईजी चंबल की ओर से 25 हजार का इनाम तथा झांसी पुलिस की ओर से 5 हजार का इनाम होना बताया गया है। अब तक यह डकैत दबोह, आलमपुर, लहार इलाके में करीब दो दर्जन वारदातें कर चुका है।

इनमें हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास तथा लूट जैसी वारदातें शामिल हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जबर सिंह के साथ उसके गिरोह के चार अन्य साथियों के होने की बात कही है, लेकिन इन चारों के अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकलने की बात बताई गई।

आईजी, एसपी मौके पर पहुंचे, पीठ थपथपाई
डकैत जबर सिंह के धराशायी होने के बाद आईजी चंबल रेंज अरविंद कुमार तथा पुलिस अधीक्षक भिंड अभयसिंह मौके पर पहुंचे। एसडीओपी लहार एमपी शर्मा को डकैत के मारे जाने के बाद जानकारी हुई। आईजी अरविंद कुमार ने मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई। जबर सिंह के मारे जाने के बाद जिले से अब लगभग सभी डकैतों का अंत हो गया है।

सूचना देने से मुंह चुराती रही भिंड पुलिस
रात करीब एक बजे से 1.30 बजे के बीच मुठभेड़ होने के बाद जब भास्कर संवाददाता ने लहार, दबोह थाने के अलावा पुलिस नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया तो तीनों स्थानों से जवाब मिला हमें मुठभेड़ की कोई जानकारी नहीं है। खास बात यह है कि तीस हजार के इनामी डकैत के मारे जाने पर शनिवार के रोज भी जिले के पुलिस अधिकारियों द्वारा मुठभेड़ के बारे में मीडिया को ब्रीफ करना मुनासिब नहीं समझा गया।





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