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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. नगर पालिक निगम विधान 1956 में वर्णित आदेशों तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों को दण्डित करने के लिए ग्वालियर नगर निगम में आलोक कुमार मिश्रा को विशेष मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा जारी अधिसूचना के निर्देश पर की गई है।
नगर निगम ग्वालियर प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम है, जिसमें इस तरह की व्यवस्था प्रभावी की गई है। नगर निगम परिषद पिछले तीन साल से लगातार नगर निगम में मोबाइल कोर्ट की स्थापना के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही के लिए प्रयासरत थी। उच्च न्यायालय और प्रदेश शासन से भी इस संबंध में कई बार आग्रह किया गया था। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में भोपाल और जबलपुर नगर निगम में भी न्यायिक दण्डाधिकारी की नियुक्ति की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं।
इन मामलों में होगी कार्रवाई
निगमायुक्त डा. पवन कुमार शर्मा के मुताबिक नगर निगम में विशेष मजिस्ट्रेट के रूप में श्री मिश्रा की नियुक्ति होने के बाद विभिन्न विभागों से संबंधित दाण्डिक प्रक्रिया की कार्रवाई विशेष मजिस्ट्रेट के रूप में ही संपन्न की जाएगी। इसके तहत स्थायी, अस्थायी अतिक्रमण, स्वास्थ्य एवं कचरा प्रबंधन, खाद्य अपमिश्रण संबंधी मामले और निगम विधान में वर्णित ऐसे अपराध जिनमें अर्थदण्ड के साथ कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
नगर निगम में सप्ताह में तीन दिन मोबाइल कोर्ट
जानकारी के मुताबिक विशेष मजिस्ट्रेट द्वारा सप्ताह में कम से कम तीन दिन मोबाइल कोर्ट चलाकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थल पर ही निगम विधान का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शेष दिवसों में निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, इंजीनियरों द्वारा दिये गये चालानों की तारीख लगाकर प्रकरणों का निपटारा किया जायेगा।