जालंधर . पंजाब सरकार पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने की लगातार बात कर रही है लेकिन सच्चई यह है कि सरकार केवल ऐलान ही कर रही है। पंजाब सरकार और खेल विभाग की ओर से फरवरी 2009 में जालंधर और चंडीगढ़ में चार देशों काहॉकी कापंजाब गोल्ड कप करवाने का ऐलान किया था लेकिन ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम की बुरी हालत देख कर इस टूर्नामैंट के मैच जालंधर में होने के आसार खत्म हो गए हैं।
इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब पंजाब के खेल मंत्री गुलजार सिंह रणिके ने बातचीत करते हुए बताया कि जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम की खराब हो चुकी एस्ट्रोटर्फ को बदलने के लिए कॉल किए गए टैंडरों में सिर्फ एक ही कंपनी की ओर से टैंडर भरे गए लेकिन यह कंपनी निर्धारित शर्ते पूरी नहीं कर पाई।
इसलिए इस एस्ट्रोटर्फ के लिए दोबारा से टैंडर किए जाएंगे। इससे यह बात साफ हो जाती है कि पंजाब सरकार जालंधर में पंजाब गोल्ड कप के मैच करवाने के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं है। गौरतलब हैं कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जून 2008 में जांलधर और चंडीगढ़ में पंजाब गोल्ड कप करवाने का ऐलान किया गया था लेकिन सरकार अभी तक जालंधर के स्टेडियम की एस्ट्रोटर्फ बदलने के लिए नई टर्फ का ऑडर भी नहीं दे सकी।
स्टेडियम में रिपेयर का पिछले चार महीने से चल रहा काम भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया। अगर यह टूर्नामैंट जालंधर में नहीं होता तो पंजाब में होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामैंट का सपना भी टूट जाएगा। जालंधर से टूर्नामैंट रद्द होने पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी फैडरेशन का गुस्सा भी सहना पड़ सकता है।
खेल मंत्री ने वित्त मंत्री की ओर से लुधियाना में खिलाड़ियों की डाइट की राशि बढ़ा कर 120 रुपए तक करने की बात की सराहना की। जालंधर की पीएपी शूटिंग रेंज पर शूटिंग की अकैडमी शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा।