मुंबई.
महानगर में हुए आतंकी हमलों के मद्देनजर पुलिस सुधार को लेकर महाराष्ट्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने कुछ ऐसे सुझाव दिए हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान हो जाएंगे। पुलिस सुधार पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण द्वारा बुलाई गई बैठक में एक वरिष्ठ आईपीएस ने सलाह दी कि सरकार एके-47 राइफलों को ग्रे मार्केट से खरीदे।
पंजाब में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एके-47 की थोक खरीदी का उदाहरण देते हुए इस अधिकारी ने कहा कि ग्रे मार्केट से इस घातक हथियार को 15 हजार रुपए प्रति नग में खरीदा जा सकता है। बैठक में मौजूद किसी भी अधिकारी को एके-47 की असल कीमत नहीं पता थी।
पुलिस सुधार के मसौदे को तैयार करने के बाद ही कैबिनेट की उपसमिति ने आला पुलिस अधिकारियों और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। यह उपसमिति डीजीपी एएन राय, मुंबई के पुलिस कमिश्नर हसन गफूर, एसएस विर्क, डी शिवनंदन, प्रमुख सचिव जानी जोसेफ आदि के सुझाव जानना चाहती थी।
एक और सुझाव: बैठक में मौजूद रहे एक सूत्र ने बताया कि ‘पुलिस अधिकारियों में रणनीति और दूरदर्शिता के अभाव को देखकर वहां उपस्थित सभी लोग हैरान रह गए।’ बैठक में जब पुलिस सुधार के लिए आवश्यक बजट के बारे में पूछा गया तो एक अन्य आला अधिकारी ने कहा कि 5 करोड़ रुपए पर्याप्त होंगे।
यह सुनकर वहां उपस्थित मंत्री सोच में पड़ गए कि इतनी कम राशि में आखिर क्या-क्या खरीदा जा सकता है। सरकार ने आधुनिक उपकरणों की खरीदी और खुफिया नैटवर्क सहित बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित किया है।
मशविरा नामंजूर : बहरहाल, पैसे बचाने के लिए ग्रे मार्केट से एके-47 खरीदने के सुझाव को नामंजूर कर दिया गया। कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि सुरक्षा की समीक्षा से जुड़ी अनेक बैठकें होने के बाद मुझे लगता है कि पुलिस व गृह विभाग का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को उनके कार्र्यो के प्रति जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।