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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने मंत्रालय में नई पारी की शुरुआत करते हुए साफ कर दिया कि मंत्रिमंडल का स्वरूप लगभग तय हो चुका है। पुराने और नए चेहरों को मिलाकर नया मंत्रिमंडल बनाया जाएगा।
डा. सिंह ने बताया कि वे कल दिल्ली जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मंत्रिमंडल के संबंध में चर्चा करेंगे। दिल्ली से लौटने के बाद शपथग्रहण के बारे में विचार किया जाएगा। वैसे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह इसी महीने की 18 तारीख यानी चार दिन बाद संभव है।
डा. सिंह ने बताया कि मंत्रियों के साथ संसदीय सचिवों को भी शपथ दिलाई जाएगी। संसदीय सचिव इस बार नए होंगे। पुराने संसदीय सचिवों में केवल सुभाऊ कश्यप ही जीतकर आए हैं। इसलिए मंत्रियों को सहयोगी के तौर पर इस बार नए विधायकों को ही संसदीय सचिव बनाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि रमन मंत्रिमंडल में कुल 13 सदस्य ही रह सकते हैं। कुल 90 विधायकों की 15 प्रतिशत संख्या ही मंत्रिमंडल की होगी। मुख्यमंत्री के अलावा सात पुराने चेहरे बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, अमर अग्रवाल, हेमचंद यादव, राजेश मूणत, लता उसेंडी और केदार कश्यप हो सकते हैं। इनके अलावा नए चेहरों में चंद्रशेखर साहू, धरम कौशिक, पुन्नूलाल मोहिले, नारायण चंदेल, युद्धवीर सिंह, सरोज पांडे, ननकीराम कंवर के नाम चर्चा में हैं।
संसदीय सचिव के रूप में उन विधायकों को प्राथमिकता दी जा सकती है जिन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को हराया है। इनमें नंदकुमार साहू, विजय बघेल, भीमाराम मंडावी हैं। बताते हैं कि मुख्यमंत्री अपनी ओर से कुछ नाम तय कर नईदिल्ली ले जा रहे हैं। पार्टी के नेताओं से चर्चा के बाद इसमें कुछ फेरबदल भी संभव है। विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर भी विचार चल रहा है। प्रेमप्रकाश पांडे की हार के बाद इस पद के लिए चंद्रशेखर साहू, ननकीराम कंवर और बद्रीधर दीवान के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।