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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष को लेकर एक हफ्ते से चल रहा घटनाक्रम उस वक्त दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया, जब होटल सेलीब्रेशन की लाबी में जोगी समर्थक माने जाने वाले कुछ युवकों ने एक ज्ञापन की प्रतियां मीडिया को सौंपीं।
कांग्रेस के 28 विधायकों के दस्तखत वाले इस ज्ञापन में कांग्रेस आलाकमान से आग्रह किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को ही कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जाए। हालांकि श्री जोगी ने इस ज्ञापन के बारे में पूरी तरह से अनभिज्ञता जता दी है। जिन विधायकों के इसमें दस्तखत हैं, उनमें से भी कई ज्ञापन के बारे में बात करने से बचते रहे।
कांग्रेस महासचिव श्री द्विवेदी ने मीडिया से बातचीत के दौरान माना कि आलाकमान के नाम से उन्हें एक ज्ञापन मिला है। यह लिफाफे में बंद है। चूंकि यह आलाकमान के नाम पर है, इसलिए इसे खोला नहीं गया। इसीलिए यह भी पता नहीं है कि ज्ञापन में क्या कहा गया है? जब उन्हें बताया गया कि ज्ञापन में विधायकों ने श्री जोगी को नेता प्रतिपक्ष बनाने का आग्रह किया है तो उन्होंने कहा - मुझे पता नहीं है।
इसके बाद मीडिया ने श्री जोगी को बैठक स्थल पर ही घेरा तो उन्होंने कहा कि मैंने दावा नहीं किया है। नेता प्रतिपक्ष ही नहीं, कांग्रेस में किसी पद के लिए दावेदारी नहीं होती। विधायकों ने परंपरा के अनुरूप यह मामला आलाकमान पर छोड़ दिया है। जोगी के नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग वाले ज्ञापन में वरिष्ठ विधायकों रविंद्र चौबे, नंदकुमार पटेल, मोहम्मद अकबर, रामपुकार सिंह और बोधराम कंवर के भी दस्तखत हैं। गौरतलब है कि सभी नेता प्रतिपक्ष के दावेदार माने जा रहे हैं।
दैनिक भास्कर ने ज्ञापन के सिलसिले में श्री चौबे और श्री पटेल से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने सिर्फ यही कहा कि बैठक में एक पंक्ति का प्रस्ताव पास हुआ है कि नेता प्रतिपक्ष का मामला हाईकमान पर छोड़ दिया जाए।