नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा मुंबई आतंकी हमले के बाद देश के चार अलग-अलग हिस्सों में चार राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) हब स्थापित करने की घोषणा के बाद विभिन्न राज्यों में इसके लिए होड़ मच गई है। आंध्रप्रदेश, असम, तमिलनाडु और महाराष्ट्र पहले ही अपने यहां एनएसजी हब की स्थापना को लेकर रुचि जता चुके हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात के तुरंत बाद आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी ने कहा ‘मैंने गृह मंत्री से प्रस्तावित एनएसजी हब में से एक हमारे राज्य में स्थापित करने का आग्रह किया है।’
आतंकवाद प्रभावित असम भी एनएसजी हब के लिए प्रयासरत है। राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि गुवाहाटी में एनएसजी हब स्थापित होने की स्थिति में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में आतंकवाद का सामना करने में मदद मिलेगी।
एनएसजी हब की स्थापना के चाहतमंदों में तमिलनाडु और महाराष्ट्र भी हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने जहां इसे चेन्नई में स्थापित करने का आग्रह किया, वहीं महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल ने भी शनिवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर राज्य के लिए एनएसजी की एक बटालियन मांगी। भुजबल ने कहा, ‘ मुंबई में एनएसजी की एक या दो बटालियन की तुरंत व्यवस्था के लिए जिस तरह की अधोसंरचना की जरूरत होगी, हम उपलब्ध कराने को तैयार हैं।’
एक नजर में एनएसजी
- केंद्र सरकार द्वारा गठित एक प्रमुख सुरक्षा एजेंसी है एनएसजी
- मुख्य काम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों को देखना व आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में भाग लेना
- सेना और अर्धसैनिक बलों के सर्वश्रेष्ठ अधिकारी इसमें शामिल
- वर्तमान में एनएसजी की दो इकाइयां-स्पेशल एक्शन ग्रुप (एसएजी) और स्पेशल रेंजर्स ग्रुप (एसआरजी
- एसएजी में पूरी तरह सेना के जवान
- एसआरजी में सेना के अलावा अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस बल के जवान भी शामिल।
हब की दरकार क्यों? मुंबई हमलों के बाद एनएसजी हब की जरूरत महसूस हुई। दिल्ली से एनएसजी दल को मुंबई भेजने में काफी समय जाया हुआ। इससे ऑपरेशन देर से शुरू हो सका। प्रधानमंत्री का मानना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में एनएसजी हब बनाने से आतंकी घटनाओं के दौरान तत्परता से कार्रवाई हो सकेगी।