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Chandigarh Chandigarh मोहाली. असीम गिल के घर पर जो भी रिश्तेदार या पारिवारिक सदस्य आ रहा था उसके मुंह से एक ही बात निकल रही थी कि असीम एक बहुत ही होनहार लड़का था। उसने स्कूल एवं कॉलेज के दौरान हर क्षेत्र में पुरस्कार जीते थे।। उसका कमरा ट्रॉफियों से भरा हुआ था उसको देखकर घर आने वाले लोगों की आंखों से अपने आप आंसू निकल आते थे।
असीम की माता की हालत बहुत ही खराब थी। सदमे में वह अपने बेटे का नाम ले लेकर पुकार रही थी। उन्हें दवा देकर आराम करने के लिए एक कमरे में सुलाने की कोशिश की जा रही थी। असीम के पिता एवं अन्य रिश्तेदार उसका पार्थिव शरीर लेने के लिए पुणो गए हुए थे। परिजनों के अनुसार रविवार बड़े सवेरे असीम का पार्थिव शरीर मोहाली लाया जाएगा। असीम की मां जतिंदर गिल एमसीएम कॉलेज चंडीगढ़ में कॉमर्स की प्रोफेसर है और पिता डी.बी.गिल प्राइवेट कंपनी में जॉब करते है।
उसका छोटा भाई भी किसी को नहीं मिल रहा था। असीम ने स्कूली पढ़ाई चंडीगढ़ स्थित सेंट जेवियर सेक्टर-26 में की। यहां पर वह पढाई में अव्वल था उसके बाद आईईटी भद्दल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करता था, तब भी वह अव्वल था।
उसने शिक्षा क्षेत्र में अनेक बार पुरस्कार जीते। आसीम के पारिवारिक दोस्त मिस्टर ढंड ने बताया कि आसीम पढ़ाई के साथ-साथ कोरियोग्रॉफी में भी अव्वल था। असीम के पड़ोसी हरिंदर पाल सिंह तथा एम.एस.मान ने कहा कि वह बहुत मिलनसार था।
भी वह मिलता था तो इस अंदाज में मिलता था कि वह उनका अपना बेटा हो। लोग आसीम के स्वभाव की तारीफ कर रहे थे।