अमृतसर. पर्यावरण और अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यहां का एक डॉक्टर पिछले करीब 23 सालों से शहर में केवल साइकिल पर सफर कर रहा है। उनका प्रण है कि वे आजीवन साइकिल पर ही चलेंगे। कोई मीटिंग हो या किसी मंत्री, अधिकारी की पार्टी, वे साइकिल पर ही जाते हैं।
यहां के सरकारी मैडिकल कॉलेज में प्रोफैसर और मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. एनएस नेकी ने जब शहर में आजीवन साइकिल पर चलने का प्रण लिया तो शुरू में लोगों ने उनका मजाक उड़ाया पर अब सब उनके इस प्रयास की सराहना करते हैं। छरहरे बदन वाले डॉ. नेकी कहते हैं कि उन्हें याद नहीं कि उन्हें कभी विटामिन, नींद या दर्द की दवा लेनी पड़ी हो।
दो लाख किमी साइकिल पर
डॉ. नेकी ने बताया कि 1985 में एमडी की पढ़ाई के दौरान वे भगत पूरण सिंह के संपर्क में आए। उनसे प्रेरित होकर ही कार व मोटरसाइकल चलाना छोड़ दिया और पेड़-पौधों की सेवा में लग गए। उनका कहना है कि वे उस समय से लेकर आज तक रोजाना कम से कम 25 किमी साइकिल चलाते हैं।
इस तरह 23 सालों में वे लगभग दो लाख किमी से अधिक का सफर साइकिल से तय कर चुके हैं। डॉ. नेकी की पत्नी जितेंद्र कौर अंग्रेजी की व्याख्याता हैं। उनकी जिद पर 2000 में उन्होंने कार खरीदी, लेकिन बाद में पत्नी को भी पति के प्रयास का महत्व समझ आ गया। अब वे भी रिक्शे से ही कॉलेज जाती हैं। डा. नेकी समाज सेवा भी करते हैं और 25 बार रक्तदान कर चुके हैं।
उन्हें 25 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। डॉ. नेकी का कहना है कि कार या बाइक से निकलने वाला धुंआ व अन्य पार्टीकल्ज स्किन व सांस की कई प्रकार की बीमारियों को जन्म देते हैं।