मोगा. विदेश जाने की लालसा में एक व्यक्ति इस कदर हिंसक हो गया कि तलाक न देने पर पहले तो उसने अपनी पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर उसकी दोनों टांगें और एक हाथ तोड़ दिया। बाद में इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी अपनी 14 साल की मासूम बेटी का गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की।
मां-बेटी को मथुरादास सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमलावर पति अपनी पत्नी से तलाक लेकर किसी और महिला का फर्जी पति बनकर विदेश उड़ना चाहता था, जबकि पत्नी उसे तलाक देने को तैयार नहीं थी। इस गंभीर हादसे के बावजूद थाना बधनीकलां पुलिस घटना के 24 घंटे बाद भी मथुरादास सिविल अस्पताल में बयान दर्ज करने नहीं पहुंची।
क्या है फसाद की जड़ :
गांव दौधर गरबी निवासी चरनजीत कौर ने बताया कि 18 साल पहले उसकी शादी चमकौर सिंह के साथ हुई थी। करीब डेढ साल पहले चरनजीत कौर के एनआरआई जेठ ने उसके पति चमकौर सिंह के साथ मिलकर 6 किले, तीन कनाल, 18 मरले जमीन अपने नाम करा ली और विदेश चला गया। जब इस बात का पता चरनजीत कौर को चला तो उसने अपने एनआरआई जेठ सतनाम सिंह के खिलाफ मोगा की अदालत में केस दायर कर दिया था।
उसका पति भी विदेश जाने के लिए डेढ़ साल से उस पर तलाक देने के लिए दबाव डाल रहा है। महिला के इंकार करने पर वह अक्सर उसके साथ मारपीट करता था।
महिला ने बताया कि पिछले महीने की 18 दिसंबर को अपनी जमीन के केस की पैरवी के लिए अदालत में जा रही थी। रास्ते में उसके पति और कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसे केस वापस लेने के लिए धमकी दी। 31 दिसंबर की रात को चमकौर सिंह ने अपनी पत्नी को तलाक देने और अदालत में दायर किया केस वापस लेने की धमकी दी।
महिला के विरोध करने पर उसके पति ने बेटी रमनदीप कौर और बेटे निर्मल सिंह को एक कमरे में बंद करके, ताकि वह दोनों उसे छुड़ा न दें उसकी जमकर पिटाई की। बाद में पत्नी को मरी समझकर कमरे में बंद बच्चों को पीटने लगा। इस दौरान चमकौर सिंह ने अपनी 14 वर्षीय बेटी रमनदीप कौर का कपड़े से गला घोंट दिया, बेटी बेहोश हो गई तो पत्नी और बेटी को मरा छोड़कर भाग गया।
चरनजीत कौर के बेटे निर्मल सिंह ने अपने नाना दर्शन सिंह को फोन पर सारी घटना बताई तो दर्शन सिंह ने दौधर गरबी पहुंचकर घायल बेटी और दोहती रमनदीप कौर को मथुरादास सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
महिला ने बताया कि उसके पति के साथ उसका भतीजा रंजीत सिंह और ममेरा भाई महिंदर सिंह भी मारपीट करने में शामिल था। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी थाना बधनीकलां पुलिस ने पीड़ित महिला और उसकी बेटी के बयान दर्ज नहीं किए है।