सूरत. डेंगू रोग से पीड़ित गर्भवती महिला से उसके गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे को भी यह रोग होने का मामला यहां सामने आया है। इसका पता तब चला जब जन्म के बाद नवजात शिशु की तबियत बिगड़ने पर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। डाक्टरों का कहना है कि इस तरह अजन्मे बच्चे को डेंगू होने का यह देश का पहला और दुनिया का पांचवां मामला है।
ख्याति बहन शाह ने यहां के एक निजी अस्पताल में 13 दिसंबर को एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसूति के चौथे दिन दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर जाने के कुछ ही घंटों के बाद बच्ची की तबियत बिगड़ने लगी। इस बीच उसे चार-पांच बार मिरगी का दौरा आया और वह कोमा में चली गई।
चार दिन की बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और उसके मस्तिष्क का एमआरआई और डेंगू रोग से संबंधित जांच की गई। बच्ची को जन्मजात डेंगू होने की बात पता चलने पर डॉक्टर और परिजन दंग रह गए। बच्ची का इलाज करने वाले डॉ. नैनेश परीख ने जांच रिपोर्ट मुंबई के मशहूर पिडिया-न्यूरो सर्जन डॉ. ब्रजेश उदाणी को अध्ययन के लिए भेजी।
उन्होंने अध्ययन कर बताया कि मां को डेंगू था और उसी से अजन्मे बच्चे को भी यह रोग हो गया। बच्ची की तबीयत में पिछले दो-तीन दिनों में सुधार आया है। डॉ. नैनेश का कहना है कि अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को डेंगू होने के चार मामले ही सामने आए हैं।