News
International International संयुक्त राष्ट्र.
गाजापट्टी में संघर्ष विराम के लिए इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने लगा है। लड़ाई रुकवाने के लिए फ्रांस जहां सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में जुटा है, वहीं इजरायल ने युद्ध विराम के लिए नई शर्त्े रखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने से इनकार किया है। इसके अलावा उसने कहा कि अमेरिकी सत्ता परिवर्तन से हमले का कोई संबंध नहीं है।
मंगलवार को फ्रांस, अरब और पश्चिमी देशों के प्रतिनिधिमंडल ने गाजा मुद्दे पर सुरक्षा परिषद के एक विशेष सत्र में गहन चर्चा की। अरब देशों ने एक ऐसे प्रस्ताव की मांग की है, जिसमें इजरायली हमलों को तुरंत रोकने और गाजा में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती शामिल है।
इजरायली शर्ते
हमास तत्काल राकेट हमले बंद करे
गाजा में हथियारों की तस्करी पर प्रतिबंध लगे
हमास को भविष्य में भी हमले करने लायक न रखा जाए
आतंकी संगठन हमास की बराबरी इजरायल से न की जाए।
सभी पक्षों को विश्वास में लेने के बाद संघर्ष विराम का मसौदा तैयार हो।
इजरायल का इनकार
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के दूत गेब्रियाला शालेव ने गाजा में पर्यवेक्षकों की तैनाती के विचार को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक हमास राकेट दागना बंद नहीं करेगा, सैन्य कार्रवाई नहीं रुकेगी।
एक शीर्ष इजरायली अधिकारी ने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा से समर्थन न मिलने की आशंका के मद्देनजर हमले किए गए हैं।
उधर, शांति मिशन पर पश्चिम एशिया पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की। सरकोजी ने इजरायल से संघर्ष विराम का आग्रह करते हुए हमास के राकेट हमले की भी निंदा की।
वास्तविक हल तलाशें : इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी गाजा संकट को जल्द समाप्त करने के लिए अरब देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। उन्होंने मामले कावास्तविक हल तलाशने की वकालत की।