वॉशिंगटन। जी हां, अमेरिकी कानून के मुताबिक यह सच है। एक अमेरिकी अदालत के मुताबिक यदि कोई टीचर किसी बालिग स्टूडेंट के साथ उसकी रजामंदी से सेक्स करता है तो यह गुनाह नहीं है।
वॉशिंगटन स्थित एक हाईस्कूल के टीचर मैथ्यू पर अपनी नाबालिग स्टूडेंट के साथ सेक्स करने का आरोप था। घटना वर्ष 2006 की थी। मामला अदालत में पहुंचा तो मैथ्यू ने मामले को खारिज करने की अपनी की। उसका तर्क था कि शारीरिक संबंध बनाते समय स्टूडेंट बालिग थी यानी उसकी उम्र 18 वर्ष हो चुकी थी और सेक्स के लिए स्टूडेंट भी रजामंद थी।
वॉशिंगटन अदालत के तीन सदस्यीय पैनल ने फैसला मैथ्यू के पक्ष में दिया और मामले को खारिज कर दिया। पैनल ने माना कि यह मामला 'नाबालिग से यौनाचार' के तहत नहीं आता है। क्योंकि मामला आपराधिक तभी बनता है जब स्टूडंट की उम्र 18 वर्ष से कम होती। मैथ्यू के वकील रॉब हिल ने कहा कि कानून के मुताबिक 18 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति को नाबालिग नहीं कहा जा सकता।