Elections 2009 Divya Bhaskar Business Bhaskar Indiainfo DNA 3Dsyndication MyFM Mera Mobi


फिर दूषित पानी, एक दर्जन बीमार

जयपुर. शहर के हसनपुरा ‘ए’ में पिछले दो दिन से पेयजल पाइपलाइनों में बदबूदार दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां एक दर्जन से ज्यादा बच्चे व बड़े उल्टी-दस्त के शिकार हो गए हैं। यहां एक सप्ताह से सीवरलाइन जाम है। इससे पुरानी व जर्जर पाइपलाइनों की गंदगी पेयजल के साथ आपूर्ति हो रही है। लोगों का आरोप है कि दूषित पानी की आपूर्ति होने के बावजूद नगर निगम व जलदाय विभाग की ओर से सुधार के इंतजाम नहीं किए गए हैं।

हसनपुरा ‘ए’ के नवल बस्ती, भैरूं की थड़ी, धानका बस्ती, रामदेव मंदिर के आसपास के क्षेत्र में नलों में दूषित पानी आने से लोगों में भय व्याप्त है। वे अपने स्तर पर पानी का इंतजाम कर रहे हैं। शुरुआत में गंदा पानी पीने तथा फिलहाल पानी का इंतजाम नहीं होने पर इसका इस्तेमाल करने वाले लोग उल्टी-दस्त से पीड़ित हो गए हैं। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश तरदिया ने बताया कि दूषित पानी से एक दर्जन से ज्यादा बच्चे, महिलाएं व बड़े उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं तथा निजी क्लिनिकों में इलाज करा रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अधीक्षण अभियंता आर.पी. माथुर को दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत के बारे में कई बार फोन किया, लेकिन वे फोन ही नहीं उठाते हैं। अधिशासी अभियंता आर.सी. मीणा ने बताया कि हसनपुरा में पुरानी पाइपलाइन है। यहां पर सीवर चैंबर जाम होते हैं, समस्या हो जाती है। अब पाइपलाइन बदल दी जाएगी। फिलहाल साफ पानी की आपूर्ति हो रही है।

नहीं सुनते निगम के अधिकारी

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सीवर लाइन डालते समय तकनीकी खामियां रह गईं। इससे आए दिन सीवर लाइन जाम हो जाती है तथा इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ता है। यहां एक साल में तीन बार दूषित पानी की आपूर्ति होने की घटनाएं हो चुकी हैं। टीकमचंद व हेमराज ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों को एक सप्ताह से सीवर लाइन साफ करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन वे सुनते ही नहीं हैं।

वहीं निगम कमिश्नर आभा जैन का कहना है कि यहां जलदाय विभाग की 50-60 साल पुरानी पाइपलाइनें हैं। हमने सीवर लाइनों की सफाई के लिए मशीनें लगा रखी हैं। इन लाइनों की रविवार तक सफाई हो जाएगी।

दिलासा दे रहे हैं इंजीनियर

स्थानीय निवासी प्रहलाद हठवाल ने बताया कि यहां पर पानी की जर्जर व पुरानी पाइपलाइन होने से सीवर चैंबर जाम होते ही दूषित पानी की आपूर्ति होती है। जलदाय विभाग के अधिकारी दो साल से पाइपलाइन बदलने की दिलासा दे रहे हैं, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया है। चौथमल बेनीवाल ने बताया कि बदबूदार पानी की आपूर्ति होने के बावजूद जलदाय विभाग की ओर से केवल दो टैंकर भेजे जा रखे हैं। इससे लोगों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल पाता है। सीवर का बदबूदार पानी आने से लोग नहाने से भी परहेज कर रहे हैं।





अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: