आपने यह गाना तो सुना ही होगा, जिसमें गायक ने बताया है कि कमबख्त इश्क जो होता है वो तड़पाता भी है और उसके आने-जाने का पता भी नहीं चलता है। ऐसा ही कुछ पांच साल पहले चंद्रमोहन के साथ भी हुआ था, जब उनकी मुलाकात अनुराधा बाली से हुई थी।
अगर आप कंफ्यूज हो रहे हैं तो बता दें कि यहां चंद्रमोहन यानी चांद मोहम्मद और अनुराधा यानी फिजा हैं। यह बात है उन दिनों की जब चंद्रमोहन साहब विधायक हुआ करते थे। एक दिन जूस की दुकान पर उनकी नजर अनुराधा पर पड़ी। उन्हें अनुराधा पहली नजर में ही इतनी पसंद आईं कि वो उन्हें अपना दिल दे बैठे। यहां आपको याद दिला दें कि उनकी शादी इस घटना के कई बरस पहले ही हो चुकी थी।
वैसे चंद्रमोहन के मुताबिक उस दिन 24 तारीख थी और महीना जुलाई का था। फिर उन्होंने अपने दोस्तों की मदद से अनुराधा का घर खोज निकाला। फिर दोनों में दोस्ती हुई और मोहब्बत की गाड़ी ने रफ्तार पकड़ ली। दोनों ने प्यार का इकरार भी कर लिया। इसके कई दिनों बाद चंद्रमोहन ने अनुराधा को बताया कि वो शादीशुदा हैं, पर उनकी पत्नी तलाक के लिए तैयार नहीं हो रही है।
अंतत: दोनों ने तय किया कि वो धर्म बदलकर शादी कर लेंगे। दोनों ने इस्लाम कबूल कर लिया और मेरठ में शादी रचा ली। इस बीच वो पूरे एक महीने तक गायब भी रहे और जब सामने आए तो सच्चाई सबके सामने आ चुकी थी।