देवबंद/सहारनपुर। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन उर्फ चांद मोहम्मद अगर फिर से हिंदू धर्म अपनाते हैं तो वे खुद-ब-खुद इस्लाम से खारिज माने जाएंगे। साथ ही उनकी पत्नी फिजा भी उनके निकाह से बाहर हो जाएंगी। मगर ऐसी स्थिति चांद को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करनी होगी।
यह फरमान शरई एतबार के देवबंदी उलेमा ने दिया है। शनिवार को खबरिया चैनलों पर चांद और फिजा से संबंधित खबरें देखने के बाद उलेमा ने यह राय दी है। दारुल उलूम (वक्फ) फतवा विभाग के नायब प्रभारी, शरई विद्वान मुफ्ती अहसान कासमी, दारुल उलूम वक्फ के उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, इस्लामिक विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी, मुफ्ती मुहम्मद शादान जामी का कहना है कि दिल का हाल अल्लाह बेहतर जानता है। इसीलिए जाहिर तौर पर कही गई बात पर ही शरई हुक्म माना जाता है।
यदि चांद मोहम्मद सार्वजनिक तौर पर दोबारा हिंदू धर्म ग्रहण करने की घोषणा करते हैं तो वह इस्लाम धर्म से खारिज हो जाएंगे और पत्नी फिजा भी उनके निकाह से बाहर समझी जाएंगी। शरई एतबार से दोनों के मध्य पति-पत्नी के संबंध खत्म हो जाते हैं। उलेमा ने कहा कि चंद्रमोहन ने सिर्फ दूसरी शादी करने में बाधक हिंदू विवाह कानून से बचने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था।
देवबंद ने इसे गिरी हुई हरकत बताया है। ऐसी स्थिति में फिजा स्वतंत्र हैं और उन्हें इद्दत करने के बाद दूसरा निकाह करने की इजाजत है। इसके लिए फिजा शरई अदालत (दारुल कजा) में संपर्क कर सकती हैं।
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