जयपुर/लखनऊ/भोपाल. रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की रविवार को आयोजित होने वाली परीक्षा का पर्चा लीक होने के मामले में जयपुर और भोपाल से परीक्षार्थियों व दलालों समेत 109 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पर्चा लीक होने के बाद आरआरबी, अजमेर ने असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद के लिए होने वाली इस परीक्षा को स्थगित कर दिया। राजस्थान पुलिस के अधिकारी कपिल गर्ग ने बताया कि इस मामले में जयपुर से 105 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उधर, उत्तरप्रदेश पुलिस एसटीएफ के एसएसपी अमिताभ यश ने लखनऊ में बताया कि ये गिरफ्तारियां राजस्थान के स्पेशल आपरेशन ग्रुप और भोपाल पुलिस के साथ संयुक्त अभियान के तहत की र्गई। यश के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आरआरबी की परीक्षाओं के पर्चे लीक करने वाला एक गैंग पूरे देश में सक्रिय है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस की मदद से जयपुर और भोपाल में छापे मारे। जयपुर में एक मोटल पर मारे गए छापे के दौरान लीक हुआ पेपर बरामद कर परीक्षार्थियों व दलालों को गिरफ्तार किया गया।
परीक्षार्थी को साथ रखते थे
यश के अनुसार, रैकेट के सदस्य परीक्षार्थियों को परीक्षा की पूर्व संध्या पर किसी एक स्थान पर इकट्ठा होने के लिए कहते थे। इसके बाद उन्हें रात भर वहीं पर पर्चा हल करने को कहा जाता था। गैंग के सदस्य परीक्षार्थियों को सुबह सीधे केंद्र पर छोड़ते थे।
जड़ें बिहार में
एसएसपी ने बताया कि इस गैंग की जड़े बिहार से जुड़ी हुई हैं। जयपुर और भोपाल से गिरफ्तार किए गए परीक्षार्थियों में अधिकतर परीक्षार्थी बिहार से ही हैं। उन्होंने बताया कि गैंग के सदस्यों में रेलवे के पूर्व और वर्तमान कर्मचारी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। यश के अनुसार, तीन महीने पहले इलाहाबाद में इसी तरह के एक रैकेट का भंडाफोड़ कर 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
हमीदिया रोड की एक होटल में छुपे थे चार लोग
इधर भोपाल में उत्तरप्रदेश एसटीएफ की मदद से राजधानी पुलिस ने हमीदिया रोड की एक होटल से चार युवकों को गिरफ्तार किया है। सीएसपी हनुमानगंज अमित सिंह ने बताया कि पुलिस ने यहां से बिहार निवासी मोहम्मद अनवर, अजीत कुमार, अजीत कुमार चौरसिया और राजेश कुमार सिंह को पकड़ा। पुलिस ने इनके पास से वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र की फोटो कापी बरामद की जिसमें प्रश्न क्रमांक 21 से 100 तक के प्रश्न थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। इनके दो साथी फरार हैं।
छह लाख तक में हुआ था सौदा
हनुमानगंज पुलिस को राजेंद्र सिंह यादव, विकास उपाध्याय, मयंक बजाज, मेनेंद्र कुमार, अभिषेक शर्मा, अरूण कुमार, शिव कुमार ने शिकायत की है। यह लोग भोपाल रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले थे। इनके द्वारा पुलिस को बताया गया कि आरोपियों ने पर्चा लीक करने का सौदा पांच से छह लाख में तय हुआ था। यह राशि परीक्षा में चयन होने के बाद देनी थी। आरोपी भोपाल में होने वाली परीक्षा का पर्चा लीक नहीं करा सके। पुलिस ने अजमेर भर्ती बोर्ड परीक्षा का पर्चा जब्त किया है।
पहले भी कर चुके हैं पर्चे लीक
इस गिरोह के सदस्य पहले भी तीन बार पर्चा लीक करने के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं। उनके द्वारा 2006 में रेलवे भर्ती बोर्ड लखनऊ, 2007 में बैंक क्लर्क इलाहाबाद और 2008 में इलाहाबाद रेलवे भर्ती बोर्ड का पर्चा लीक कराया गया था। उप्र एसटीएफ ने रविवार को ही जयपुर से इस गिरोह के एक दर्जन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
दो दिन से राजधानी में
इस गिरोह के सदस्य दो दिन से राजधानी की होटल में ठहर कर परीक्षार्थियों से सौदा कर रहे थे। उनके होटल में ठहरे होने की जानकारी पुलिस को नहीं थी। उप्र एसटीएफ के भोपाल आने पर राजधानी पुलिस हरकत में आई और एसटीएफ के साथ मिलकर छापे की कार्रवाई की। पुलिस को परीक्षा के पर्चे लीक करने के मामले में गोंडा उप्र निवासी बेदीराम और संजय की तलाश है। बेदीराम रेलवे का बर्खास्त इलेक्ट्रिशियन है। पुलिस द्वारा पकड़े गए अजीत कुमार और राजेश कुमार बीएससी भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र से पास है। मोहम्मद अनवर और अजीत चौरसिया बारहवीं तक पढ़े हैं। पकड़े गए आरोपियों को एक परीक्षार्थी लाने पर 15 से 20 हजार रुपए मिलते थे।