भोपाल. अजमेर और भोपाल रेलवे भर्ती बोर्ड का पर्चा लीक करने के आरोप में पकड़े गए चार आरोपियों को अदालत ने 20 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में पुलिस द्वारा फरियादी बनाए गए परीक्षार्थी गायब हो गए हैं। पुलिस अब अन्य आरोपियों के साथ फरियादियों की तलाश कर रही है, वहीं उत्तरप्रदेश एसटीएफ इस मामले से किनारा कर खाली हाथ वापस लौट गई।
उप्र एसटीएफ की मदद से राजधानी पुलिस ने रविवार को हमीदिया रोड की एक होटल से बिहार निवासी मोहम्मद अनवर, अजीत कुमार, राजेश कुमार सिंह और अजीत कुमार चौरसिया को पकड़ा। पुलिस ने इनके पास से वस्तुनिष्ठ प्रश्न-पत्र की फोटोकॉपी बरामद की, जिसमें क्रमांक 21 से 100 तक प्रश्न थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। इनके दो साथी गोंडा (उप्र) निवासी बेदीराम और संजय फरार हैं। सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि उन्हें पटना निवासी नीलू और निश्चल पर्चे उपलब्ध कराते थे।
वहीं छापे के दौरान होटल के कमरे से उप्र एसटीएफ और राजधानी की क्राइम ब्रांच को रेलवे भर्ती की परीक्षा देने वाले राजेंद्रसिंह यादव, विकास उपाध्याय, मयंक बजाज, मेनेंद्र कुमार, अभिषेक शर्मा, अरुण कुमार और शिव कुमार मिले थे। इस कार्रवाई के दौरान हनुमानगंज पुलिस होटल के बाहर थी। क्राइम ब्रांच ने परीक्षार्थियों से आनन-फानन में शिकायती आवेदन लिए। इस आधार पर हनुमानगंज पुलिस ने अभिषेक की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
यह लोग परीक्षा देने के बाद गायब हो गए। छापे की कार्रवाई के बाद उप्र एसटीएफ आरोपियों को हनुमानगंज पुलिस को सौंपकर वापस हो गई। हनुमानगंज पुलिस आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर मामले की विवेचना कर रही है। गायब हुए परीक्षार्थियों की तलाश में पुलिस की टीम झांसी, ग्वालियर और टीकमगढ़ भेजी जाएगी। उनके मिलने के बाद आगे की विवेचना की जाएगी।