ब्लॉगर्स पार्क - नास्तिकता से मिलेगी आजादी
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ब्लॉगर्स पार्क - नास्तिकता से मिलेगी आजादी

blog ब्लॉग की दुनिया में भी मर्दो का कब्जा है। लेकिन कुछ स्त्रियों हैं जो न सिर्फ अपने हक की बात करती हैं बल्कि आधी दुनिया के अधिकारों के लिए ब्लॉग पर लड़ रही हैं। सुजाता भी उनमें से एक हैं। सुजाता अपने ब्लॉग चोखेर बाली पर धर्म पर ही सवालिया निशान उठाते हुए कहती हैं कि कि जब धर्म की जंजीरें दुनिया को जकड़ी हों तो कोई भी औरत बिना अधर्मी हुए अपना अस्तिव कभी पा सकती है?

ब्लॉग पर इसी के जवाब में सुजाता कहती हैं कि हां, नास्तिक हो जाना एक बेहद जरूरी कदम होगा। क्योंकि इससे स्त्री को मूर्ख बनाना आसान नहीं रहेगा। उसे भ्रमित नहीं किया जा सकेगा। कम से कम वह खुद अपनी जड़ता, भयों और अंधविश्वासों से मुक्त हो पाएगी।

सुजाता की तरह शेफाली पांडे भी एक ब्लॉग की लेखिका हैं। शेफाली अपने ब्लॉग कुमाउॅनी चेली पर लिखती हैं - मुझे मर्दो के खिलाफ आग उगलनी थी, स्त्री विमर्श पर थीसिस लिखनी थी, पिता ने मुझको किताबें लाकर दीं, भाई ने इंटरनेट खंगाल दिया, बूढ़े ससुर ने गृहस्थी संभाल ली, पति ने देर रात तक जाग कर, पन्ने टाइप किए, बहुत थक गई तो बेटे ने पैर दबा दिए, मैं गहरी नींद सो गई। मर्दो के खिलाफ सोचते सोचते।

राजनीतिक सौदागर

जाते-जाते अब बात थोड़ी भाजपा के युवा नेता वरुण गांधी की। वही वरुण गांधी जो इंदिरा गांधी के पोते हैं। फिलहाल राजनीति की हवा से वे पूरी तरह रंगे हुए हैं। उप्र के चुनावी सभाओं में उनके द्वारा मुस्लिमों के खिलाफ जहर उगलने पर ब्लॉग जगत में भी उबाल आ गया है। मणोंद्र कुमार मिश्रा अपने ब्लॉग मशाल में लिखते हैं कि यह देश के लिए दुर्भाग्य है कि ऐसे सांप्रदायिक तत्वों को हमें झेलना पड़ता है। वे लिखते हैं - जनता को यह बात पूरी तरह समझ लेनी चाहिए कि राजनीति के इन सौदागरों से बचना होगा और चुनाव में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया से अमन से चैन बिगाड़ने वालों के मुंह पर जोरदार तमाशा जड़ना होगा।

आपकी राय के इंतजार में

ब्लॉगर्स पार्क आपको कैसे लगा, यह जानने के लिए हम इंतजार कर रहे हैं आपकी राय की। तो देर किस बात की। कह दें अपनी दिल की बात।






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आपके विचार
विनात कुम
Saturday, 21st Mar 2009, 2:19
अच्छा किया है ब्लॉगर्स पार्क शुरु करके, ब्लॉग ट्रैफिक को देखते हुए ये जरुरी भी है
DK Singh
Saturday, 21st Mar 2009, 3:55
Blogerres park is good name…I hope you will continue this Thanks DK Singh
विष्‍णु ब
Saturday, 21st Mar 2009, 6:51
ब्‍लाग को महत्‍व मिलता देख कर सुख तो होना ही है। शुभ-कामनाएं।
Sanjeet Tripathi
Saturday, 21st Mar 2009, 11:35
बढ़िया! दैनिक भास्कर के वेब एडिशन पर यह ब्लॉगर्स पार्क देखकर खुशी हुई। ब्लॉग की महत्ता को अब कम करके नहीं आंका जा सकता।
saloni arora
Saturday, 21st Mar 2009, 11:39
आशीष आपके िवचारों से पूवर् में भी सहमत थे हम। इस बार आप शेफाली के िवचारों मदोर् के िखलाफ उगलती आग लेकर आए। वह भी हमेशा की तरह पऱशंसनीय है।
devendra sahu
Sunday, 22nd Mar 2009, 2:10
its great initiative. the bloggers shuld be highlighted by print and electronic media. ashish ji apne accha likha hai. ise banaye rakhiye....
lokesh tripathi
Sunday, 22nd Mar 2009, 2:16
great initiative for bloggers kona. ashish ji ko shukriya. plz continue this
anil pusadkar
Sunday, 22nd Mar 2009, 10:30
अच्छा प्रयास है।
awadhesh
Sunday, 22nd Mar 2009, 18:41
your efferts is good....
sandeep sharma
Sunday, 22nd Mar 2009, 19:36
मॆरॆ ख्यल् सॆ आपका लिखना बिल्कुल् साही है... सन्दिप शर्मा www.dard1.tk
neeshoo
Sunday, 22nd Mar 2009, 23:26
बदलते समय की मांग के अनुसार यह प्रयास सराहनीय कदम है।
Gagan Nayar
Monday, 23rd Mar 2009, 0:49
Good. Need more space.
डॉ दुर्गा
Tuesday, 24th Mar 2009, 8:21
ब्लॉगर्स पार्क में आकर बहुत अच्छा लगा. पार्क का यही तो सुख होता है कि बहुत सारे लोगों से मुलाक़ात हो जाती है. परिकल्पना बहुत अच्छी है. उम्मीद है कि आप हर बार नए लोगों से मिलवायेंगे. पार्क की विविधता बनाये रखें. आपका यह अभिनव प्रयोग सफल हो, यही कामना
rajeev jain
Thursday, 26th Mar 2009, 13:22
अच्‍छी शुरुआत की है जारी रखें
Bhupendra
Monday, 30th Mar 2009, 7:44
Keep it up
समीर लाल
Sunday, 5th Apr 2009, 11:40
बहुत उम्दा प्रयास!! बधाई एवं शुभकामनाऐं.