हैमिल्टन.
ये जीत नहीं जादू है टीम स्पिरिट का, एक दूसरे के लिए प्रेरणा बनने का और एक परिवार के रूप में रहने व खेलने का। 33 साल बाद न्यूजीलैंड की धरती पर टैस्ट जीतना किसी एक खिलाड़ी की बदौलत संभव नहीं बल्कि पूरी टीम की इसमें हिस्सेदारी है।
यही कहना है सचिन तेदुलकर का भी। सचिन ने कहा कि हम जितना अच्छा खेल रहे हैं उसका श्रेय पूरी टीम को जाता है। हम खेल का बहुत आनंद ले रहे हैं। ड्रैसिंग रूम का वातावरण एक परिवार के जैसा है। सचिन ने कहा कि स्पोर्ट स्टाफ जिस तरह से हमारी देखभाल कर रहा है वह काबिले तारीफ है। साथ ही कोच गैरी कस्र्टन के तो क्या कहने। पूरी टीम उनकी उपस्थिति को एंजॉय करती है। वे वातावरण को तनावरहित रखते हैं। टीम के प्रदर्शन का यही गुरुमंत्र है शायद।
मुनाफ ने दिए ऑटोग्राफ
मैच के चौथे दिन मुनाफ पटेल ने बाउंड्री लाइन पर फील्डिंग करते हुए प्रशंसकों को खूब ऑटोग्राफ दिए। उन्होंने मुझसे कहा कि यह टूर कमाल का है। बहुत मजा आ रहा है यहां खेल कर। ड्रैसिंग रूम के बाहर बैठ कर मैच का आनंद ले रहे दिनेश कार्तिक कहते हैं कि सिर्फ जीत ही नहीं यह दौरा ही बेमिसाल है। कार्तिक ने कहा कि मुझे भले ही खेलने का मौका नहीं मिला हो लेकिन साथियों का निराला प्रदर्शन मजा दे रहा है।
हर भारतीय ने कुछ जीता है
सप्ताहांत होने से भारतीय मूल के दर्शक भी खूब आए। 77 साल के गुरुबख्श सिंह कहते हैं कि वे 35 साल से यहां है और इतने सालों में पहली बार भारतीय टीम को जीतते हुए देखना सुखद है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि हर भारतीय ने कुछ जीता है। अरसे बाद टैस्ट क्रिकेट देखने का अवसर मिलने पर ऑकलैंड से हैमिल्टन आए भीलवाड़ा के मुक्तसार मीणा कहते हैं हमें और क्या चाहिए, बस भारत इसी तरह जीतता रहे यही कामना है।पास ही बैठे जॉन एंडरसन ने भी भारतीय टीम की खुल कर तारीफ की।
धरती पर स्वर्ग जैसा है न्यूजीलैंड मैच कवर करने गए भारतीय पत्रकारों ने छुट्टी के दिनों में पर्यटन स्थलों का खूब आनंद लिया। व्हेल व डॉलफिन के साथ मनोरंजन किया व स्काई डाइविंग भी की। मीडिया कर्मियों का कहना है कि न्यूजीलैंड स्वर्ग के समान है। यहां एक बार तो घूमने के लिए आना ही चाहिए।