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Personal Finance Personal Finance नई दिल्ली. मंदी के मौजूदा दौर में देश के कुछ राज्यों को गैर विकास योजनाओं में जरूरत से ज्यादा खर्च भारी पड़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक के एक अध्ययन में कहा गया है कि ऐसा करने वाले हरियाणा, महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों की वर्तमान आर्थिक हालत भले ही अच्छी हो, लेकिन आगे चलकर इन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
अध्ययन में कहा गया है कि विकास कार्र्यो पर धनराशि खर्च न करने से पैसे का रोटेशन नहीं होगा। इससे निपटने के लिए राज्यों को विशेष आर्थिक पैकेज जारी करने होंगे, जिसके लिए उन्हें केंद्र सरकार और अन्य वित्तीय संस्थानों की ओर ताकना पड़ेगा। छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का दबाव भी राज्यों पर आर्थिक दबाव डाल रहा है।
इनमें दिखा विकास कार्र्यो की ओर झुकाव : आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और राजस्थान ने अपने प्रशासनिक खर्च में कमी लाकर विकास कार्र्यो पर ध्यान दिया है। आंध्रप्रदेश सरकार ने सिंचाई समेत अन्य परियोजनाओं में निवेश कर विकास कार्यो का बजट 32.7 प्रतिशत तक बढ़ाया है। इसी तरह, बिहार और झारखंड ने विकास कार्य की मद में क्रमश: 19.7 और 19.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है।
किन राज्यों को होगा संकट
वित्तीय संकट से जिन राज्यों के उलझने की उम्मीद है, उनमें महाराष्ट्र, गोवा, हरियाणा आगे हैं। गैर विकास कार्र्यो में हरियाणा का खर्च करीब 36.8 प्रतिशत बढ़ा है। बीते वर्ष में यह राशि 5,505 करोड़ रुपए थी, जो इस वर्ष में बढ़कर 7,534 करोड़ रुपए हो गई है। महाराष्ट्र में गैर विकास योजनाओं के बजट में 45 प्रतिशत तक इजाफा दर्ज हुआ है। चालू वित्त वर्ष में यह राशि 36,120 करोड़ है, जबकि बीते वित्त वर्ष में यह 24,794 करोड़ रुपए थी।