Vaama
Relationships Relationships इस वक्त ज्यादातर बच्चे और उनके अभिभावक परीक्षा की तैयारियों में जुटे हुए हैं। हो सकता है कि आप या आपका बच्च भी एग्जाम फीवर के हालात से जूझ रहा हो। वैसे समझदारी से काम लिया जाए तो इस स्थिति से बच सकते हैं।
बच्चों के लिए
इस वक्त ज्यादातर बच्चे पूरा समय पढ़ाई को ही देना चाहते हैं। यह जरूरी भी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि एक निश्चित अवधि बाद छोटा ब्रेक लेना चाहिए। इससे बोरियत तो कम होती ही है, साथ ही ऊर्जा भी मिलती है। इस बीच थोड़ी सी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं, ये आपकी थकी हुई आंखों को आराम पहुंचाएगी। छात्रों को चाहिए कि अपने आपको फ्रेश बनाए रखने के लिए भरपूर नींद लें, इससे रक्त संचार बेहतर रहता है। नींद पूरी न होने की स्थिति में आप बीच के ब्रेक में15-20 मिनट की नींद ले सकते हैं।
पैरेंट्स के लिए
थ्रिलर या हॉरर फिल्में इस वक्त बच्चों को न ही दिखाएं तो अच्छा है, क्योंकि ये दिमाग को उत्तेजित करती हैं।
हल्का-फुल्का म्यूजिक तो ठीक है, लेकिन लाउड म्यूजिक बालमन को विचलित कर सकता है।
जंक फूड से इस समय बचें। इस वक्त फल, जूस, ताजी सब्जियां, मेवे और फ्रेश डेरी प्रोडक्ट्स खिलाएं। उन्हें खाना या नाश्ता कतई स्किप ना करने दें। लगातार 2-3 घंटे से ज्यादा बच्चे को पढ़ाई न करवाएं, थोड़ा ब्रेक जरूर दें।
अपना और बच्चे दोनों का स्ट्रेस लेवल कम रखने की कोशिश करें, सफलता का यह सीक्रेट मंत्र है।
प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए
अपना आत्मविश्वास बनाए रखिए, अगर किसी तरह का तनाव हो तो पैरेंट्स से इस बारे में जरूर बात करें। नकारात्मक विचारों को दूर करने के लिए अच्छी किताबें पढ़िए।
एक्सरसाइज और छोटे-मोटे शौक ऐसे समय में भी आपके लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके लिए समय निकालने की कोशिश करें, लेकिन अपना टाइम मैनेजमेंट इसके अनुरूप करें।
पढ़ने के लिए जिस तरह वक्त तय होना जरूरी है तो रोजाना एक ही जगह बैठकर पढ़ना भी एकाग्रता को बढ़ाता है। अपने व्यवस्थित रहने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।