नई दिल्ली.प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के आरोप में बीजिंग ओलंपिक (2008) में जाने से रोक दी जाने वाली भारतीय महिला भारोत्तोलक मोनिका देवी का ‘बी’ सैंपल भी डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। इसके साथ ही उन पर दो साल का प्रतिबंध लगना तय है।
हालांकि, भारतीय भारोत्तोलक संघ (आईडब्ल्यूएफ) ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। खेल मंत्रालय ने मोनिका का ‘बी’ सैंपल जांच के लिए वाडा (वल्र्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी) की टोक्यो स्थित लेबोरेटरी भेजा था। सूत्र के अनुसार, ‘मोनिका का ‘बी’ सैंपल पॉजिटिव पाया गया है। इस मुद्दे पर कोई भी इसलिए बात नहीं कर रहा है क्योंकि यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है।’ जानकारी के अनुसार, आईडब्ल्यूएफ को नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी से एक पत्र मिला है, जिसमें मोनिका को ‘दागी’ करार दिया गया है।
दोषी करार दिए जाने के बाद मोनिका दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। आईडब्ल्यूएफ के नियमों के अनुसार पहली बार दोषी पाए जाने पर खिलाड़ी पर दो साल का प्रतिबंध लगता है। वहीं, दूसरी बार दोषी पाए जाने पर उस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
गौरतलब है कि पिछले साल स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने मोनिका को डोपिंग के आरोप में ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए चीन जाने से रोक दिया गया था। 28 वर्षीय मोनिका ने खुद को निर्दोष बताते हुए साई के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर आगामी 2 अप्रैल को सुनवाई होनी है।
मोनिका को चीन जाने से रोकने पर उनके गृहराज्य मणिपुर में साई और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे। खेल मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए टीएस. कृष्णमूर्ति कमीशन गठित की थी, जिसने मोनिका के ‘बी’ सैंपल की जांच कराने की सिफारिश की थी।