सीकरी और फरीदा, शीशम और नीम
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सीकरी और फरीदा, शीशम और नीम

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कई वर्ष पूर्व श्याम बेनेगल की फिल्म ‘मम्मो’ में सुरेखा सीकरी और फरीदा जलाल ने दो बहनों की भूमिकाएं निभाई थीं। अब ये दोनों निष्णात अभिनेत्रियां टीवी सीरियल ‘बालिका वधू’ में बहनों के रूप में प्रस्तुत हैं।

farida jalal ‘मम्मो’ में फरीदा जलाल पाकिस्तान से बार-बार लौटकर भारत आती और तयशुदा समय के बाद भी यहां टिकी रहना चाहती हैं और वह बार-बार जबरन वापस भेजी जाती हैं। फिल्म समालोचक खालिद मोहम्मद की कहानी विभाजन की त्रासदी को अभिनव ढंग से प्रस्तुत करती है। सरहद दिलों को नहीं बांट सकती।

बहरहाल सुरेखा सीकरी और फरीदा जलाल में यह समानता है कि दोनों को अपनी प्रतिभा के अनुरूप कम ही अवसर मिले हैं। सुरेखा सीकरी तो उम्र के इस मोड़ पर ‘बालिका वधू’ के कारण अपनी अखिल भारतीय पहचान बना पाई हैं। फरीदा जलाल ने कुछ फिल्मों में नायिका की भूमिका निभाई है। मसलन राजेश खन्ना की पहली सफलता ‘आराधना’ फिल्म में वे युवा नायक की प्रेमिका रही हैं, परंतु उन्हें चरित्र भूमिकाओं में ही खूब सराहा गया और उनकी दूसरी पारी ‘हिना’ से शुरू हुई थी।

सुरेखा सीकरी को इस तरह के अवसर भी नहीं मिले। अगर इन दोनों की तुलना दरख्तों के सहारे करने का प्रयास करें तो कहना होगा कि सुरेखा सीकरी शीशम का वृक्ष हैं, तो फरीदा जलाल नीम का। ज्ञातव्य है कि शीशम का वृक्ष बहुत वर्षो बाद पूरी तरह पनपता है। यह सबसे मजबूत लकड़ी मानी जाती है और पानी के जहाज भी इसी लकड़ी से बनते हैं।

sureka sikri सुरेखा सीकरी के व्यक्तित्व और अभिनय से शीशम की मजबूती का अहसास होता है। नीम से गुजरकर आने वाली हवा सेहत के लिए मुफीद होती है। ‘बालिका वधू’ में पुरानी परंपराओं के नाम पर कुरीतियों को सहेजती हैं दादीसा और अब उनके जीवन में नीम की ताजगी लेकर आई हैं फरीदा। दो बहनों की युवा अवस्था को लेकर कई फिल्में बनी हैं।

उन्हें एक ही पुरुष से प्यार होता है, फिर त्याग और त्याग पर त्याग का चक्र शुरू होता है। इसे हम वैजयंती माला और उषा किरण की फिल्म ‘नजराना’(1961) में देख चुके हैं और यही कहानी लेकर श्रीदेवी और जयाप्रदा के साथ ‘तोहफा’ में बनाई गई थी। बहनों की कथाओं का एक रूप ‘सीता और गीता’ भी है, जो ‘चालबाज’ के नाम से श्रीदेवी अभिनीत फिल्म के रूप में भी प्रस्तुत हुआ था।

अंतमरुखी और बहिमरुखी स्वभाव की दो बहनें आजमाए हुए चरित्र हैं। शोभा डे की एक बेहद सतही किताब ‘सिस्टर्स’ में एक बहन बड़े उद्योगपति की जायज संतान है और दूसरी बहन रखैल की बेटी है। करीना और करिश्मा के साथ दो बहनों की फिल्म बन सकती है, परंतु उनके पास सीकरी और जलाल की प्रतिभा नहीं है। दो वृद्ध बहनों पर सीरियल ही बन सकता है और ‘बालिका वधू’ मंे इस तरह एक नया आयाम जुड़ गया है।






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