Summer Special
Pyar ki ye kahani suno Pyar ki ye kahani suno
एबेलर्ड और हेलोइस की दुखभरी प्रेम कहानी सदियों तक याद की जाती रही है। यह दोनों अमेरिका की काफी प्रसिद्ध लव स्टोरी है। एबेलर्ड प्रसिद्ध दार्शनिक बना और हेलोइस ने नन के रूप में अपना सारा जीवन गुजारा। 1100 में पीटर एबेलर्ड स्कूल में पढ़ने पेरिस आ गया। उसने जानेमाने दार्शनिक की प्रतिष्ठा पाई थी।
फुलबर्ट ने अपनी बेटी हेलोइस को पढ़ाने के लिए एबेलर्ड को ट्यूटर के तौर पर रख लिया। एबेलर्ड और हेलोइस के बीच इसी दौरान प्यार हुआ। यही नहीं दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बनें उन दोनों ने चुपचाप शादी कर ली और हेलोइस गर्भवती हो गई। फुलबर्ट इस बात पर बहुत अधिक गुस्सा हो उठा तो एबेलर्ड ने हेलोइस को कॉवेंट में भेज दिया।
फुलबर्ट को लगा एबेलर्ड हेलोइस को छोड़ चुका है। इसलिए फुलबर्ट और उसके नौकरों ने एबेलर्ड को सोते में नपुंसक कर दिया। एबेलर्ड ने अपना आगे का जीवन संत बनकर वैराग्य में गुजारा और ज्ञान को अपना जीवन समर्पित कर दिया। हेलोइस को इस सबसे बड़ा धक्का लगा और वह नन बन गई। इस जुदाई के बावजूद हेलोइस और एबेलर्ड का प्रेम जीवित रहा। इन दोनों के लिखे प्रेम पत्र बाद में प्रकाशित किए गए।