समर क्लास में सीख रहे धैर्य
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समर क्लास में सीख रहे धैर्य

पहले छोटे-छोटे फूल, बूटे या दूसरी डिजाइन बनाना सीखो, उसके बाद ही मेंहदी लगाना आ सकेगा। बच्चों के साथ बड़ों ने भी इसे फालो किया ताकि अगले दिन मेंहदी लगाना सीखने में कोई कमी न रह जाए। लाखेनगर स्थित ओरेलियन ब्यूटी पार्लर में एक माह के समर कैंप के पहले दिन यही आलम रहा। दूसरे कई आर्ट की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है।

किसी बैच में फूल-बेल जैसी डिजाइन बनाने की ट्रेनिंग मिली तो किसी में कपड़ों पर कांच का काम सिखाया गया। ओरेलियन में चल रहे समर कैंप में सभी एज ग्रुप के लोगों के लिए अलग-अलग तरह के आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें मेंहदी प्रशिक्षण से लेकर फैब्रिक पर पेंटिंग, होम डेकोरेशन की बातें आदि हैं। सेल्फ ब्यूटी ट्रेनिंग के प्रशिक्षण में महिलाएं व युवतियां विशेष रुचि ले रही हैं।

सबसे पहले धैर्य : समर कैंप में चीजें सीखना तो ठीक है लेकिन साथ ही इसके लिए सबसे जरूरी फैक्टर है, धैर्य। कुछ इसी तरह की बातें लोगों ने सीखीं। बच्चे थोड़ी देर बाद इधर-उधर देखते भी रहे लेकिन थोड़ी देर बाद दूसरे बच्चों से कंपीटिशन में दोबारा मन लगा लिया। युवतियों में भी पहले ही दिन से दूसरों से अच्छा करने की ललक दिखी। सेल्फ ब्यूटी में सौंदर्य का इनिशियल सिखाया जा रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल हो रही हैं। लाखेनगर की गृहणी तृप्ति वर्मा ने कहा कि कई बार छोटी-छोटी चीजों के लिए पार्लर जाने का समय नहीं मिलता है। ऐसे में खुद ही सीखकर अपना मेकअप आदि किया जा सकता है।

ताकि रहे विविधता

कैंप में कई तरह की चीजें सिखाई जा रही हैं। इसमें सुविधा के लिए अलग-अलग बैच निर्धारित कर दिया गया है। प्रशिक्षिका रेनु पमनानी ने बताया कि मेंहदी, क्लाथ पेंटिंग, कांच का काम, पूजा की थाल सजाना, परफ्यूम मेकिंग, बैंगल्स मेकिंग, ग्रीटिंग कार्ड, आर्टिफिशियल जुलरी मेकिंग आदि सिखाया जाएगा। परफेक्शन के अनुसार क्लास बड़ी या छोटी हो सकती है। सुबह 11 से शाम 6 बजे तक के कैंप में महिलाएं दोपहर के समय अधिक आ रही हैं।






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