डांस में पारंगत होने की कवायद
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डांस में पारंगत होने की कवायद

दो कदम आगे और एक कदम पीछे करके फिर हाथ ऊपर उठाना है। इसके बाद ही होली का रंग यानी गुलाल ऊपर फेंकना है। कुछ ऐसा निर्देश देती हुई नृत्य शिक्षिकाओं ने होली के गीत पर बच्चे तथा महिलाओं को प्रशिक्षण दिया।

पहले मेमोरी बढ़ाने का ज्ञान, फिर माइक पर बोलने का तरीका और आखिरी में होली के राजस्थानी गीतों पर नृत्य का अभ्यास। कुछ ऐसा बुधवार से शुरू हुए समर क्लास में दिखा। सात दिवसीय यह क्लास सुंदरनगर स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा स्कूल में साधना महिला मंडल द्वारा आयोजित किया जा रहा है। जिसमें बच्चे तथा महिलाओं को क्लासिकल डांस, वेस्र्टन डांस, गिटार, हारमोनियम, क्राफ्ट, ड्राइंग, स्पोकन इंग्लिश, सुलेख तथा ब्यूटी टिप्स सिखाया जाएगा। क्रम बनाकर थिरकने लगे

बच्चे एक लाइन में, तो युवतियां एक लाइन में और महिलाओं की अलग लाइन। इस तरह तीन कतार बनाकर 70 लोगों को डांस सिखाया जा रहा है। समर क्लास का पहला दिन होने के कारण लोगों ने डिमांड की कि होली के गीत पर स्टेप सिखाए जाएं इसलिए नृत्य शिक्षिकाएं अंकिता तिवारी, अंकिता पांडे और ममता अग्रवाल ने पहले तो बाडी का मूवमेंट करना सिखाया, फिर गाने पर थिरकना सिखाया।

ध्यान से सुने

मेमोरी बढ़ाने तथा स्टेज पर बोलने की कला का प्रशिक्षण साधना शर्मा तथा रमा शर्मा ने दिया। उन्होंने बताया कि किसी भी चीज को क्रमवार याद रखना चाहिए। जब पौराणिक ग्रंथ पढ़कर उसके पात्रों तथा भगवानों का नाम याद रह जाता है, तो कुछ आम आदमी का नाम तथा जरूरी चीजें याद क्यों नहीं हो सकती। क्रमवार याद रखने के अलावा उन चीजों पर ध्यान भी रखना चाहिए, तभी मस्तिष्क में वह बात रहती है। मंच पर बोलते हुए सामान्य स्थिति में खड़े होना चाहिए। चेहरे के भाव भी सामान्य होने चाहिए और वैसे ही बोलना चाहिए जैसे अपने परिचितों के बीच लगातार बोलते हैं।






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