यूं करें नव वर्ष का आगाज
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यूं करें नव वर्ष का आगाज

financialवित्त वर्ष की योजना अभी से बना लेने से कई तरह के लाभ मिलेंगे। इससे न केवल साल के आखिर में की जाने वाली मशक्कत कम हो सकेगी, बल्कि निवेश पर प्रतिफल भी अपेक्षाकृत ज्यादा मिलेगा।

हिंदुओं के नव वर्ष के साथ-साथ नया वित्त वर्ष भी शुरू हो चुका है।

एक आयकरदाता के लिए नए साल का आगाज वित्तीय योजना बनाने से अच्छा क्या होगा।

इससे न केवल साल के अंत में टैक्स बचाने की भागमभाग से बचा जा सकेगा, बल्कि निवेश पर प्रतिफल भी बढ़ जाएगा।

पुराना वित्त वर्ष समाप्त हो चुका है और नए का आगमन हो चुका है। बीते साल में आपने टैक्स बचाने के लिए अंतिम समय में जो कवायद की थी, क्या आप इस साल उससे बचना नहीं चाहेंगे? यदि हां, तो उसके लिए आपको अभी से योजना बनानी होगी। आइए हम आपको बताते हैं कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत आप कैसे चरणबद्ध ढंग से योजना बनाकर कर सकते हैं:

चरण एक

दायित्वों की गणना करें:

सबसे पहले तो आप यह देख लें कि इस साल आपके ऐसे कौन-से दायित्व हंै जिनके लिए आप पैसे खर्च करने से बच नहीं सकते। उदाहरण के लिए अगर आपने हाउसिंग लोन या कार लोन ले रखा है तो उनकी किस्तंे आपको भरनी ही हांेगी। फिर बीमा पॉलिसियां भी होंगी तो उनका प्रीमियम भी आपको भरना ही पड़ेगा। इन सभी का अभी से हिसाब लगा लें।

चरण दो

टैक्स डिडक्शन का अनुमान लगाएं:

इसका मतलब ऐसी राशि से है जो आपको टैक्स बचाने में मददगार हो सकती है। उदाहरण के लिए पीएफ या ईपीएफ की राशि (जो आपके वेतन में से ही कट जाती है), बच्चों की टच्यूशन फीस इत्यादि। फिर हाउसिंग लोन और बीमा के प्रीमियम भी इसी मद में माने जाएंगे। ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि आप अभी से यह अनुमान लगा सकें कि कितनी कटौती (डिडक्शन) या कर में छूट तो आपको बगैर किसी विशेष कवायद के ऐसे ही मिलने वाली है।

चरण तीन

साल भर के निवेश का अनुमान:

इस चरण में आपको यह कवायद करनी है कि सारे डिडक्शन को घटाने के बाद इस बात का अनुमान लग सके कि साल भर में कितना निवेश करना है ताकि कर न भुगतना पड़े। इस कवायद में प्रथम और द्वितीय चरण के आंकड़े आपकी मदद करेंगे। दूसरे चरण के आंकड़ों से यह पता चल जाएगा कि आपको डिडक्शन का कितना फायदा होगा। पहले चरण के आंकड़ों से यह पता चल सकेगा कि आपके पास कितना पैसा अतिरिक्त है जो सालभर में निवेश करके आप कर दायित्व से बच सकते हैं।

चरण चार

निवेश की योजना बनाएं:

इस चरण मंे आपको इस बात की योजना बनानी है कि निवेश कहां, कितना और कैसे करना है। चूंकि आप साल की शुरुआत में ही योजना बना रहे हैं जिससे निवेश के लिए आपके पास पूरा वर्ष रहेगा और आप थोड़ी-थोड़ी बचत या निवेश करके भी लक्ष्य हासिल कर लेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ा-थोड़ा निवेश करने के लिए दो सबसे अच्छे साधन हैं - पीपीएफ और सिप के माध्यम से म्यूचुअल फंड की तीन वर्षीय योजना। इसके अलावा आप पांच वर्षीय टैक्स सेवर एफडी या पांच वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में भी थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाकर साल भर तक बचत और निवेश कर सकते हैं।

चरण पांच

स्वयं के लिए मकान खरीदें:

अगर आपका अपना मकान नहीं है तो इस वित्त वर्ष में हाउसिंग लोन के जरिये यह खरीदने का प्रयास करें। इन दिनों न केवल प्रॉपर्टी के दामों में गिरावट आई हुई है, बल्कि हाउसिंग लोन की ब्याज दरें भी विशेष स्कीम के तहत काफी कम हैं। इसके अलावा आयकर में तो छूट मिलेगी ही। धारा 80सी और धारा 24 के तहत आप मूलधन और ब्याज की अलग-अलग मदों में कटौती का क्लेम करने के हकदार बन सकेंगे।

क्या होंगे फायदे

टैक्स बचाने के लिए अक्सर साल के अंत में कवायद की जाती है। इससे निवेश संबंधी सही फैसले नहीं हो पाते हैं और कई मामलों में तो टैक्स भी कट जाता है। पहले से योजना बनाकर इससे बचा जा सकता है। यदि आप साल के अंत में निवेश करेंगे तो उस पर रिटर्न का फायदा अगले साल से मिलना शुरू होगा। लेकिन यदि आप प्रारंभ से ही निवेश करते हैं तो उस पर लाभ अभी से मिलने लगेगा।

अभी से कहां निवेश?

धारा 80सी पीपीएफ, एनएससी, जीवन बीमा की पॉलिसी, यूलिप, तीन वर्षीय म्यूचुअल फंड की स्कीमों, पांच वर्षीय टैक्स सेवर एफडी, पांच वर्षीय पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट इत्यादि में निवेश किया जा सकता है। एक लाख रुपए तक की कटौती का फायदा मिलता है।

धारा 80डी मेडिक्लेम की बीमा पॉलिसी ली जा सकती है। स्वयं के लिए पॉलिसी लेने पर अधिकतम 15 हजार रुपए तक की कटौती का लाभ मिलता है।

धारा 80डीडी परिवार के किसी आश्रित विकलांग सदस्य की चिकित्सा या देखभाल पर खर्च किया जा सकता है। अधिकतम 50 हजार रुपए (गंभीर विकलांगता पर 75 हजार रुपए) तक की कटौती का लाभ मिलेगा।

80 ई उच्च अध्ययन के लिए शिक्षा ऋण ले सकते हैं। इसके ब्याज पर कटौती का लाभ मिलेगा। अधिकतम की कोई सीमा नहीं।

80 जी सरकार द्वारा स्थापित विशेष कोषों या पुण्यार्थ निजी संस्थाओं या ट्रस्टों द्वारा स्थापित कोषों को दान दिया जा सकता है।






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