नई दिल्ली. दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे गृहमंत्री पी. चिदंबरम उस समय सकते में आ गए जब सामने बैठे पत्रकारों में से एक ने उन पर जूता फेंक दिया।
जूता फेंकने वाले पत्रकार का नाम जरनैल सिंह बताया जा रहा है जो दैनिक जागरण दिल्ली का वरिष्ठ पत्रकार है। यह पत्रकार जगदीश टाइटलर को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने से नाराज था।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पूछताछ कर जनरैल सिंह को छोड़ दिया गया है और गृहमंत्री चिदंबरम ने उन पर जूता फेंकने वाले पत्रकार जनरैल सिंह को माफ कर दिया है।
जागरण के वरिष्ठ पत्रकार
इस वाकये से वहां मौजूद सभी पत्रकार सकते में आ गए। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत जरनैल सिंह को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस पूरे वाकये से पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर ईरान में फेंके गए जूते की घटना की याद ताजा हो गई।
पत्रकार को अफसोस, मगर नहीं मांगेगा मांफी
गिरफ्तार जरनैल सिंह ने कहा कि चिदंबरम पर जूता फेंकने पर उन्हें अफसोस है। उन्होंने कहा कि सवाल न पूछने देने की वजह से मैंने यह हरकत की। जरनैल ने यह भी कहा कि चिदंबरम से उन्हें कोई निजी द्वेष नहीं है। मेरा तरीका गलत हो सकता है लेकिन मुद्दा नहीं। उस स्थिति में मुझे जो समझ में आया मैंने किया, लेकिन मैं मांफी बिल्कुल नहीं मागूंगा। जनरैल ने यह साफ किया की वह हीरो बनने की कोशिश नहीं कर रहे थे।
टाइटलर मामले पर थी नाराजगी
यह पत्रकार इस बात से नाराज था कि जगदीश टाइटलर के मुद्दे पर सीबीआई ने जांच क्यों खत्म कर दी। उनका कहना था कि 25 सालों बाद भी सिख लोगों को कोई न्याय नहीं मिला है। और इस मुद्दे पर सरकार ने भी कोई कड़ा रुख नहीं अपनाया।
आक्रोश की अभिव्यक्ति है जूता फेंकना
जनरैल सिंह द्वारा गृहमंत्री चिदंबरम पर जूता फेंकना आक्रोश की अभिव्यक्ति है और यह सालों से दबे गुस्से का फूट पड़ना है। भाजपा का कहना जनरैल जैदी की हरकत गलत हो सकती है लेकिन उसकी भावना सही है। भाजपा की मांग है कांग्रेस जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह की लोकसभा उम्मीदवारी वापस ले।
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किसी पत्रकार की यह हरकत सचमुच भावनात्मक विस्फोट है या फिर हीरो बनने के लिए सोची समझी साजिश.....
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