नई दिल्ली. जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह का टिकट कट चुका है। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में कांग्रेस आलाकमान ने यह फैसला लिया है। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने इसे लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुए लिया गया फैसला बताया है। टाइटलर और सज्जन सिंह का टिकट कांग्रेस की गले की हड्डी बन चुका था। नए नामों की घोषणा पार्टी जल्दी ही करेगी।
84 के सिख दंगों के दोषी जगदीश टाइटलर ने अपनी प्रेंस कॉन्फ्रेंस में खुद को निर्दोष बताते हुए उम्मीदवारी का अंतिम फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ दिया था। वह सोनिया गांधी से मुलाकात अपनी उम्मीदवारी की औपचारिक घोषणा करनेवाले थे। लेकिन सोनिया से मुलाकात के पहले ही जनार्दन द्विवेदी ने कांग्रेस की ओर से यह औपचारिक घोषणा की।
मीडिया को संबोधित करते हुए टाइटलर ने कहा कि मुझे हमेशा गलत समझा गया है। मैं पूरी तरह मिर्दोष हूं। मुझे तो 1999 में एनडीए के शासन में ही सीबीआई से क्लीन चिट मिल गई थी।
टाइटलर ने कहा कि मीडिया ने मेरे साध भेदभाव किया और इस केस को कभी समझा नहीं। अपनी सफाई में टाइटलर ने कहा कि दंगों के संबंध में दाखिल किसी भी हलफनामे में उनका नाम नहीं है। दंगों के 22 साल बाद नानावटी कमिशन में मेरे खिलाफ दो ऐफिडेविट दाखिल किए गए थे।
कोर्ट ने सीबीआई से इसकी जांच करने को कहा था। ये दोनों झूठे पाए गए, इसलिए मुझे क्लीन चिट दी गई। टाइटलर ने यह भी कहा कि उस दिन पूरे समय मैं राजीव गांधी के साथ ही था। मेरे खिलाफ इस भी आरोप सच नहीं है।
गौरतलब है कि आज सुबह ही कोर्ट ने टाइटलर मामले की सुनवाई 28 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। इससे कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इस मुद्दे पर राजनीति गरमाती जा रही है और यदि पार्टी टाइटलर का टिकट नहीं काटती तो एक बड़ा वोट बैंक कांग्रेस से दूर जा सकता था।
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