देश के सबसे बड़े महोत्सव यानि लोकसभा चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों की तादाद बढ़ती जा रही है जो आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं। इसे लोकतंत्र की खासियत कहें या फिर खामी। लेकिन यह एक ऐसा सच है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता है। पिछले चुनाव में जो लखपति थे, वो इस बार करोड़पति हो गए हैं। जिन पर एक-दो आपराधिक मामले चल रहे थे, अब उनकी संख्या भी बढ़ गई है। कुल मिलाकर स्थिति चिंतनीय हो गई है।
मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नेशनल इलेक्शन वॉच नाम के एक संगठन ने देश की उन 25 लोकसभा सीटों की सूची जारी की है, जहां सबसे अधिक अपराधी मैदान में अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। इस सूची में दक्षिण भारत का आंध्र प्रदेश शामिल है तो बिहार और उप्र की सीटें भी शामिल हैं। संगठन के विश्लेषण के अनुसार कुल 1425 उम्मीदवारों में से १६ फीसदी यानी 222 उम्मीदवारों का कोई न कोई आपराधिक रिकार्ड रहा है।
आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को उतारने में कांग्रेस सबसे आगे है। कांग्रेस ने 24, भाजपा ने 23, बसपा ने 17 और सपा ने 10 ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है जिनकी पृष्ठभूमि आपराधिक है।
नेशनल इलेक्शन वॉच द्धारा जारी सूची को रिलीज करते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जे.एम. लिंगदोह ने कहा कि आज राजनीति फायदे का धंधा बन गई है। ऐसे में मतदाताओं को यह जानना है जरूरी है कि जिन्हें वे वोट दे रहे हैं उनका आपराधिक और वित्तीय पृष्ठभूमि क्या है।
रेड अलर्ट लोकसभा सीट
राज्यसीटउम्मीदवार
बिहार जहानाबाद 8
महाराष्ट्र चंद्रापुरा 7
उत्तर प्रदेश चंदौली 7
महाराष्ट्र अमरावती 6
महाराष्ट्र नांदेड 6
बिहार सिवान 5
बिहार महाराजगंज 5
बिहार गोपालगंज 5
आंध्र प्रदेश हैदराबाद 5
उत्तर प्रदेश कुशी नगर 5
उत्तर प्रदेश धोसी 5
बिहार काराकाट 5
बिहार नवादा 5
उप्र वाराणसी 4
महाराष्ट्र हिंगौली 4
बिहार आरा 4
झारखंड पलामू 4
उड़ीसा कालाहांडी 4
बिहार बक्सर 4
आंध्र प्रदेश मल्काजगिरी 4
उप्र गाजीपुर 4
बिहार जमुई 4