Magazine
Bal Bhaskar Bal Bhaskar
पिछले कुछ दशकों से रीसाइकलिंग फैशन का हिस्सा बन गया है, फिर चाहे वह कोई पुरानी चीज हो या लोगों का पसंदीदा काटरून शो या कैरेक्टर। लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए डिज्नी एक बार फिर पुराने काटरून की रीसाइकलिंग कर रहे हैं।
रॉबिन हुड हो, विनी द पूह या फिर नटखट मोगली। विश्वप्रसिद्ध इन कार्टून कैरेक्टर्स की लोकप्रियता को देखते हुए डिज्नी एक बार फिर लोगों के बीच इनको लेकर आना चाहते हैं। इससे पहले भी इन्होंने विनी द पूह और रॉबिन हुड जैसे कार्टून शो के कई दृश्यों को दूसरे काटरून शो में रीसाइकिल किया है। रोटोस्कोपिंग तकनीक के जरिए पुराने कार्टून शो के दृश्यों को फिर से बनाया जाता है। इस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि मंदी के दौर में फिल्म बनाने के खर्च में कटौती करने का यह एक बेहतर तरीका है।
क्या है रोटोस्कोपिंग : मैक्स फेलिएशर ने रोटोस्कोपिंग तकनीक को इजाद किया था और सबसे पहले 1915 में इसका इस्तेमाल किया गया था। इस तकनीक के सहारे एनिमेटेड कैरेक्टर पहले से कहीं अधिक असली नजर आने लगे थे। मैक्स की यह तकनीक सुपरमैन के कार्टून में काफी कारगर सिद्ध हुई थी। सुपरमैन कार्टून शो के बाकी कैरेक्टर रोटोस्कोपिंग के कारण काफी असली लगे थे और लोगों की दिलचस्पी कार्टून में बढ़ने लगी थी। खासतौर से बच्चों की। इस तकनीक के जरिए लोगों के पसंदीदा काटरून कैरेक्टर द्वारा किए गए स्टंट या फिर किसी खास सीन को दूसरे काटरून शो में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसे बनाने में अधिक खर्च करने की भी जरूरत नहीं होती।
फिर वही सीन : 1973 में बनी कार्टून फिल्म रॉबिन हुड का काफी हिस्सा स्नो व्हाइट एंड द सेवन डवाफ्र्स (1937) जंगल बुक (1967) और द एरिस्टोकेट्स (1970) से लिया गया है। रॉबिन हुड की मैड मारियन ने ठीक वैसा ही डांस किया था जैसा 36 साल पहले स्नो व्हाइट ने डवाफ्र्स में किया था। यहां तक कि जंगल बुक में मोगली ठीक वैसे ही अपने कुत्ते को चूमता है जैसे द स्वार्ड इन द स्टोन में दिखाया गया। 1977 में धूम मचाने वाले विनी द पूह का क्रिस्टोफर पेड़ पर वैसे ही चढ़ता है जैसे एक दशक पूर्व मोगली पेड़ पर चढ़ चुका था।1967 में मोगली के पहाड़ी से पत्थर फेंकने का दृश्य दस साल बाद विनी द पूह में क्रिस्टोफर रॉबिन पर फिल्माया गया।