Manoranjan
Aap Ki Baat Aap Ki Baat इंदौर.
उस गली में मुस्कुराता है एक बच्चा, हर शाम निकलता हूं जब मैं अपने काम पर। उसकी मुस्कान दे देती है मुझे पंख.. कुछ इस तरह उन्होंने कविता शुरू की और सभी को एक बच्चे की मुस्कान से हंसने, खुश होने की प्रेरणा दी। यहां बात हो रही है वरिष्ठ कवि राजकुमार केसवानी की कविताओं की।
शनिवार शाम श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति द्वारा उनका एकल काव्य पाठ का आयोजन किया गया। श्री केसवानी ने आम बोलचाल की भाषा में लिखी अपनी खूबसूरत कविताओं के द्वारा सभी की दाद बंटोरी।
उन्हें सुनने शहर के वरिष्ठ साहित्यकार व सीनियर सिटीजंस पहुंचे। उनकी छोटी-छोटी कविताओं ने कई गहरी बातों को श्रोताओं के दिलों तक पहुंचाया। एक अन्य कविता मुन्ने भाई रॉन्ग साइड से उन्होंने सड़क के नियमों को तोड़ने वालो पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कई लोग रॉन्ग साइड में घुस जाते है, गर्व से अपनी गलती मानते है कहते है कि हमने कम से कम गलती मानी तो सही..।
घर कभी खाली नहीं होता..
कविता घर में उन्होंने कहा- घर कभी खाली नहीं रहता, उसमें अकसर होते है घरवाले, और जब कभी वे बाहर जाते है, वह भरा रहता है उनके वापस आने की उम्मीदों से..। कविता सपने के द्वारा उन्होंने संदेश दिया कि हमें सपने देखकर चुप नहीं बैठना चाहिए। सपने पंख लगाकर आते है, हमें उन पर संवार हो जाना चाहिए। एक अन्य कविता चिड़ियां को भी सभी ने बहुत पसंद किया। इसमें उन्होंने चिड़ियां की चहचहाट पर कहा वे क्या कहती है पता नहीं, लेकिन उसे सुन सृष्टी संगीत से भर जाती है।