भारत में खत्‍म हुए थे डायनासौर
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भारत में खत्‍म हुए थे डायनासौर

Dinosaurs were wiped out by volcanoesभास्‍कर डॉट कॉम। पिछले तीस वर्षों से वैज्ञानिक मानते आ रहे थे कि पृथ्‍वी पर किसी बड़े उल्‍कापिंड के गिरने और उससे हुए विस्‍फोट की वजह से इस दुनिया से डायनासौर खत्‍म हो गए थे। लेकिन एक नए शोध में इस तथ्‍य को झुठलाया जा रहा है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में भूगर्भशास्‍त्री प्रोफेसर गेर्टा केलेरा का दावा है कि डायनासौर की मौत उल्‍कापिंड की वजह से नहीं बल्कि ज्‍वालामुखी विस्‍फोट की वजह से हुई थी।

साथ ही केलेरा का यह भी दावा है कि यह घटना अब से तीन लाख वर्ष हुई होगी। गौरतलब है कि अब तक वैज्ञानिक यह दावा करते आ रहे थे कि धरती से डायनासौर के सफाए का कारण पृथ्‍वी से उल्‍कापिंड टकराना रहा होगा। ऐसा माना जा रहा था कि इस विस्‍फोट की वजह से टी रेक्‍स और उसकी प्रजाति के डायनासौर विलुप्‍त हो गए थे।

केलेरा का दावा है कि उनके शोध में उल्‍कापिंड के पृथ्‍वी से टकराने के कोई सबूत नहीं मिले हैं, जबकि ज्‍वा‍लामुखी विस्‍फोट के सबूत मिले हैं। उनका कहना है कि ज्‍वालामुखी विस्‍फोट से आसमान में राख के बादल छा जाते हैं, जिससे सूर्य की रोशनी धरती तक नहीं आ पाती है, साथ इसकी वजह से होने वाली एसिड रेन भी डायनासौर की मौत का कारण रही होगी।

केलेरा के शोध में यह भी बताया गया है कि लगभग 67 लाख साल पहले ज्‍वालामुखी विस्‍फोट की वजह से भारतीय दक्‍कन का निर्माण हुआ था। इस विस्‍फोट में अत्‍यधित मात्रा में सल्‍फर डाय ऑक्‍साइड का उत्‍सर्जन हुआ था। इस गैस की वजह से भी डायनासौर की मौत बताई जा रही है।






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