कहते हैं, ईश्वर हर जगह नहीं पहुंचा इसलिए उसने मां बनाई- जन्मदात्री भी, पालनहार भी। आप बच्चे हो या बड़े, महिला हो या पुरुष, मां के बारे में आपके मन में कोई प्रेरक बात होगी, मार्मिक उदाहरण होंगे या भावनात्मक सोच होगी। आपकी भावनाओं को लाखों लोगों तक पहुंचाने का जरिया बनेगा भास्कर डॉट कॉम। मां के बारे में जरूर लिखें- चाहे प्रेरक प्रसंग, सच्ची कहानी, फोटो या पेंटिंग बनाएं और नौ मई, पांच बजे तक भेजें webedtior@bhaskarnet.com पर - संपादक