लखनऊ.इलाहाबाद. हाई कोर्ट के सलाहकार बोर्ड ने पीलीभीत से भाजपा के प्रत्याशी वरुण गांधी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तारी अमान्य घोषित कर दी है। जस्टिस प्रदीप कांत की अध्यक्षता में इस बोर्ड ने कहा कि वरुण के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई के पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। वह पीलीभीत डीएम द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। वरुण द्वारा विवादित भाषण दिए जाने व उनके समर्थकों द्वारा उपद्रव किए जाने के बाद उप्र सरकार ने उन पर एनएसए की कार्रवाई की थी।
प्रदेश सरकार देगी चुनौती :
उत्तर प्रदेश के गृह सचिव जावेद अहमद ने कहा कि हाई कोर्ट के बोर्ड ने वरुण गांधी पर एनएसए के तहत कार्रवाई को अमान्य करार दिया है। अतिरिक्त कैबिनेट सचिव विजय शंकर पांडे ने बताया कि राज्य सरकार इलाहाबाद हाई कोर्ट के सलाहकार बोर्ड के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
आदेश मानने को बाध्य सरकार :
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा कि उप्र सरकार हाई कोर्ट के बोर्ड के फैसले को मानने के लिए बाध्य है। उसे वरुण गांधी के खिलाफ एनएसए का मामला खत्म करना ही होगा। हाई कोर्ट के सलाहकार बोर्ड के सामने इस मामले की सुनवाई २९ अप्रैल को हुई थी। उस वक्त बोर्ड ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
क्या है मामला?
पीलीभीत में 8-9 मार्च को विवादित भाषण देने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने वरुण गांधी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके विरोध में २८ मार्च को उनके समर्थकों ने पीलीभीत जेल के बाहर जम कर उपद्रव किया था। प्रदेश की बसपा सरकार ने अगले ही दिन यानि २९ मार्च को वरुण पर एनएसए लगा दिया था। इसके बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें ३१ मार्च को एटा जेल भेज दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट भी गए थे वरुण :
वरुण गांधी ने प्रदेश सरकार की कार्रवाई के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें १६ अप्रैल को १५ दिन का पेरोल मिल गया था। बाद में इसकी अवधि १५ दिनों के लिए और बढ़ा दी गई थी।
राजनीति से प्रेरित था एनएसए : भाजपा
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी ने सलाहकार बोर्ड के फैसले पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने पहले ही आरोप लगाया था कि वरुण पर रासुका राजनीति से प्रेरित होकर लगाया गया है, जो सच साबित हुआ।
कांग्रेस ने अहमियत घटाई :
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि वरुण गांधी पर एनएसए लगाए जाने का मामला पहले ही अपना औचित्य खो चुका था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें अपनी निगरानी में पेरोल पर छोड़े जाने के बाद इस मामले का आधार नहीं बचा था।
संबंधित खबरें
* वरुण गांधी के हिंदुत्व पर ही उठ रही हैं उंगलियां
* वरुण की पैरोल अवधि 14 मई तक के लिए बढ़ी
* वरुण को दो हफ्ते नेतागिरी की मोहलत
* वरुण पर रासुका का फैसला एक हफ्ते टला
* वरुण देव को खुश करने की तैयारी
* ‘झूठ बोलते हैं वरुण के मामा’
* वरुण गांधी की हर गतिविधि पर रहेगी आयोग की नजर
* वरुण गांधी की मांग चुनाव आयोग ने ठुकराई
* वरुण ने भरा नामांकन, कहा - मेरी मां के आंसुओं का बदला जनता लेगी
* 2019 : राहुल बनाम वरुण!