लोकसभा चुनाव 2009 में राजनीतिक दलों के समीकरण और नेताओं की कुंडलियों पर ज्योतिषी अध्ययन करने से इस बार खिचड़ी सरकार अर्थात बिना बहुमत वाली साझा त्रिशंकु सरकार बनने के योग हैं जो कि अल्पकालिक होगी।
जब तक शनि तुला राशि में उच्च का होकर नहीं आएगा तब तक देश को स्थायी स्पष्ट बहुमत वाली सरकार और प्रधानमंत्री नहीं मिलेगा। नवंबर 2011 में शनि अपनी मित्र की तुला राशि में उच्च के होंगे। तब देश में राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक दृष्टिकोण से एकदम परिवर्तन आएगा। देश में चहुंमुखी विकास होगा।
सोनिया और आडवाणी के प्रधानमंत्री बनने के योग नहीं
यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में लग्नेश निर्बल हो जाए तो वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है। यूपीए की सोनिया गांधी की जन्मकुंडली में लग्नेश चंद्रमा द्वादश भाव में निर्बल हो गया। वहीं आडवाणी की जन्म कुंडली में भी लग्नेश मंगल द्वादश भाव में नीच के सूर्य से पीड़ित है। अत: दोनों के प्रधानमंत्री बनने के योग नहीं हैं।
लालू, रामविलास पासवान और अमरसिंह की तिकड़ी
लालू, रामविलास पासवान और अमरसिंह की जोड़ी इस बार लोकसभा के चुनाव में अपना प्रभुत्व स्थापित कर त्रिशंकु सरकार में वर्चस्व स्थापित कर सकती है। चांडाल योग से राहत, चुनाव शांतिपूर्वक होंगे
गुरु और राहु की युति चांडाल योग का निर्माण करती है। इस योग से नेता और राजनीतिक दलों पर लांछन, षड्यंत्र, बदनामी और जूते-चप्पल फेंकने जैसी घटनाएं घटती हैं, लेकिन चुनाव से पहले यह युति टूटेगी और चुनाव शांतिपूर्ण होंगे तथा तीन महीने की राहत मिलेगी लेकिन पुन: 30 जुलाई 2009 को युति हो जाएगी।