नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भाजपा के युवा नेता व पीलीभीत के प्रत्याशी वरुण गांधी पर से रासुका हटाने का आदेश दिया है। भाजपा ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। भाजपा के इस युवा नेता पर भड़काऊ भाषण के आरोप में रासुका लगाया गया था।
वरुण के वकील ने बताया कि पचास साल के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि एडवायजरी बोर्ड के सुझाव के बाद राज्य सरकार रासुका नहीं हटाए। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने वरुण पर से रासुका हटाने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में आज दो याचिका पर सुनवाई हुई। एक वरुण गांधी की याचिका, जिसमें उन्होंने उत्तरप्रदेश की मायावती सरकार द्वारा उनके खिलाफ रासुका लगाए जाने को चुनौती दी थी।
दूसरी याचिका राज्य सरकार की थी, जिसमें वरुण पर से रासुका हटाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन जजों के सलाहकार बोर्ड के फैसले को चुनौती दी गई है। बोर्ड ने यह कहकर रासुका हटाने को कहा था कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वरुण ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जहर उगला है।
वरुण ने मांगा मुआवजा
वरुण गांधी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर उन्हें रासुका के तहत अवैध रूप से हिरासत में रखने पर उत्तरप्रदेश सरकार से 10 लाख रुपए का मुआवजा दिलवाने की मांग की है। याचिका में आग्रह किया गया कि यदि राज्य सरकार वरुण को हिरासत में रखने का आदेश वापस नहीं लेती है तो कोर्ट खुद इसे रद्द कर दे।
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